Hathras Crime News: अपराध की दुनिया में हमने कई शातिर दिमाग देखे हैं. लेकिन उत्तर प्रदेश के हाथरस से जो कहानी सामने आई है उसने रोंगटे खड़े कर दिए हैं.यह कहानी किसी बॉलीवुड थ्रिलर फिल्म जैसी है.यहां एक पूर्व पुलिसकर्मी ने कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए मौत का नाटक रचा. लेकिन इस नाटक को अंजाम देने के लिए उसने एक बेगुनाह भिखारी की हत्या कर दी.
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लाश मिली लेकिन पहचान बदली हुई थी
12 मार्च को उत्तर पूर्व रेलवे के हाथरस रोड हॉल्ट के पास एक टिन शेड के नीचे एक बुजुर्ग का जला हुआ शव मिला था. दिखने में यह एक दर्दनाक हादसा लग रहा था. लेकिन जीआरपी की पारखी नजरों को कुछ खटक रहा था. मौके पर मौजूद सबूत चीख-चीखकर कह रहे थे कि यह मौत नहीं एक गहरी साजिश है.
साजिश का मास्टरमाइंड सिपाही
जांच की परतें खुलीं तो नाम सामने आया रामवीर सिंह का. रामवीर कभी यूपी पुलिस में सिपाही था और कंधे पर वर्दी की जिम्मेदारी थी. लेकिन अपराध के दलदल में धंसने की वजह से उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था.पुलिस के मुताबिक रामवीर ने अपनी मौत का झूठा ड्रामा रचने के लिए एक बेहद खौफनाक रास्ता चुना. उसने एक अनजान भिखारी को अपना शिकार बनाया. उसकी बेरहमी से हत्या की और पहचान मिटाने के लिए शव को आग के हवाले कर दिया.सबसे शातिर चाल चलते हुए उसने अपने असली पहचान पत्र और निजी सामान उस जलती हुई लाश के पास रख दिए. ऐसा उसने इसलिए किया ताकि दुनिया को लगे कि मरने वाला कोई और नहीं रामवीर खुद है.
पुलिस ने आरोपी रामवीर सिंह को किया गिरफ्तार
रामवीर को लगा कि वह अब कानून की फाइलों में मृत घोषित हो चुका है. लेकिन तकनीकी सबूतों और पुलिस के मुखबिरों ने उसकी इस गलतफहमी को दूर कर दिया. 14 अप्रैल को मैनपुरी जिले के किशनी इलाके से पुलिस ने उस जिंदा लाश को दबोच लिया. गिरफ्तारी के वक्त पता चला कि वारदात को अंजाम देते समय रामवीर खुद भी झुलस गया था.
अपराधों की लंबी लिस्ट
हाथरस सिटी जीआरपी थाना प्रभारी सुयश सिंह ने खुलासा किया कि रामवीर कोई मामूली अपराधी नहीं है. उसके ऊपर फिरोजाबाद,अलीगढ़, मुरादाबाद, हरदोई, मैनपुरी और बदायूं जैसे कई जिलों में हत्या,अपहरण, लूट और धोखाधड़ी के संगीन मामले दर्ज हैं. पुलिस फिलहाल यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर रामवीर ने अपनी मौत का नाटक रचने की इतनी बड़ी जोखिम भरी योजना क्यों बनाई? क्या वह किसी बड़े केस से बचना चाहता था या फिर किसी नई वारदात की तैयारी में था? वहीं उस बदनसीब भिखारी की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है जिसकी जान एक सनकी अपराधी के भेंट चढ़ गई.
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