Chandauli News: जब कानून के रखवाले ही अपराधियों के मददगार बन जाएंतो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है. उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां यूपी पुलिस का एक सिपाही पशु तस्करों के लिए 'ट्रैफिक गाइड' का काम कर रहा था. आरोपी सिपाही सत्येंद्र यादव वर्दी की आड़ में तस्करों को पुलिस की लोकेशन और सुरक्षित रास्तों की जानकारी देता था. मामले का खुलासा होने के बाद चंदौली एसपी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी सिपाही को उसके गृह जनपद अंबेडकर नगर से गिरफ्तार करवाकर जेल भेज दिया है.
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तस्करों के फोन ने खोला सिपाही का राज
इस पूरे खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब इलिया थाना पुलिस ने 25000 रुपये के इनामी पशु तस्कर श्याम बाबू और उसके साथियों को गिरफ्तार किया. जब पुलिस ने तस्करों के मोबाइल फोन का डेटा खंगाला और कॉल डिटेल्स का विश्लेषण किया तो होश उड़ाने वाला सच सामने आया. पता चला कि चंदौली पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी सत्येंद्र यादव लगातार इन तस्करों के संपर्क में था.
पूछताछ में यह सामने आया कि सिपाही सत्येंद्र यादव तस्करों को बताता था कि किस समय निकलना सुरक्षित है और पुलिस किस रास्ते पर गश्त कर रही है. वह यूपी-बिहार बॉर्डर पर तस्करी की गाड़ियों को सुरक्षित पार कराने में मदद करता था. एसपी आकाश पटेल ने बताया कि सत्येंद्र पर पहले भी सैयदराजा थाने में तैनाती के दौरान भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे जिसमें वह अग्रिम जमानत लेकर ड्यूटी से गायब चल रहा था..
'सिंडिकेट में शामिल कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा'
चंदौली के एसपी आकाश पटेल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरक्षी को सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि चाहे वह आम नागरिक हो या विभाग का कोई व्यक्ति अगर पशु तस्करी के सिंडिकेट में किसी की भी संलिप्तता पाई गई तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, गौ-तस्करी के खिलाफ अभियान में पुलिस बेहद सख्त है. साल 2025 में 162 केस दर्ज, 410 आरोपी गिरफ्तार, 1300 पशु मुक्त और 178 वाहन जब्त. गैंगस्टर एक्ट के तहत 74 लाख की संपत्ति भी कुर्क की गई. साल 2026 (अब तक) में 46 केस दर्ज किए जा चुके हैं जिनमें 127 अभियुक्तों पर कार्रवाई हुई है और 345 पशु बरामद किए गए हैं.
जब कानून के रखवाले ही अपराधियों के मददगार बन जाएंतो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है. उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां यूपी पुलिस का एक सिपाही पशु तस्करों के लिए 'ट्रैफिक गाइड' का काम कर रहा था. आरोपी सिपाही सत्येंद्र यादव वर्दी की आड़ में तस्करों को पुलिस की लोकेशन और सुरक्षित रास्तों की जानकारी देता था. मामले का खुलासा होने के बाद चंदौली एसपी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी सिपाही को उसके गृह जनपद अंबेडकर नगर से गिरफ्तार करवाकर जेल भेज दिया है.
तस्करों के फोन ने खोला सिपाही का राज
इस पूरे खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब इलिया थाना पुलिस ने 25000 रुपये के इनामी पशु तस्कर श्याम बाबू और उसके साथियों को गिरफ्तार किया. जब पुलिस ने तस्करों के मोबाइल फोन का डेटा खंगाला और कॉल डिटेल्स का विश्लेषण किया तो होश उड़ाने वाला सच सामने आया. पता चला कि चंदौली पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी सत्येंद्र यादव लगातार इन तस्करों के संपर्क में था.
पूछताछ में यह सामने आया कि सिपाही सत्येंद्र यादव तस्करों को बताता था कि किस समय निकलना सुरक्षित है और पुलिस किस रास्ते पर गश्त कर रही है. वह यूपी-बिहार बॉर्डर पर तस्करी की गाड़ियों को सुरक्षित पार कराने में मदद करता था. एसपी आकाश पटेल ने बताया कि सत्येंद्र पर पहले भी सैयदराजा थाने में तैनाती के दौरान भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे जिसमें वह अग्रिम जमानत लेकर ड्यूटी से गायब चल रहा था..
'सिंडिकेट में शामिल कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा'
चंदौली के एसपी आकाश पटेल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरक्षी को सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि चाहे वह आम नागरिक हो या विभाग का कोई व्यक्ति अगर पशु तस्करी के सिंडिकेट में किसी की भी संलिप्तता पाई गई तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, गौ-तस्करी के खिलाफ अभियान में पुलिस बेहद सख्त है. साल 2025 में 162 केस दर्ज, 410 आरोपी गिरफ्तार, 1300 पशु मुक्त और 178 वाहन जब्त. गैंगस्टर एक्ट के तहत 74 लाख की संपत्ति भी कुर्क की गई. साल 2026 (अब तक) में 46 केस दर्ज किए जा चुके हैं जिनमें 127 अभियुक्तों पर कार्रवाई हुई है और 345 पशु बरामद किए गए हैं.
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