'लखपति दीदी' बनीं बागपत की गीता देवी: योगी सरकार की योजनाओं से दूर हुई आर्थिक तंगी, अब हर माह ₹45,000 की कमाई

बागपत की गीता देवी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और 'विद्युत सखी' योजना के जरिए आर्थिक तंगी को मात दी है. अब वह हर महीने 45,000 रुपये कमाकर 3500 महिलाओं को प्रेरित कर रही हैं.

UP News

यूपी तक

• 04:47 PM • 07 Apr 2026

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण परिवेश में महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं. बागपत जनपद के छपरौली ब्लॉक स्थित लुहारा गांव की रहने वाली गीता देवी इसका जीवंत उदाहरण बनी हैं. कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली गीता देवी आज राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़कर न केवल आत्मनिर्भर हुई हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई हैं.

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स्वयं सहायता समूह से मिली नई पहचान

गीता देवी के संघर्षों का अंत वर्ष 2018 में हुआ जब वह 'कृष्णा स्वयं सहायता समूह' से जुड़ीं. समूह की अध्यक्ष के रूप में उन्हें नेतृत्व का अवसर मिला. योगी सरकार से प्राप्त रिवॉल्विंग फंड और सामुदायिक निवेश निधि की मदद से उन्होंने 25,000 रुपये का ऋण लिया और 'विद्युत सखी' के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त किया. इसके बाद उन्होंने घर-घर जाकर बिजली बिल संग्रह का कार्य शुरू किया और 'बीसी सखी' के रूप में भी अपनी सेवाएं देनी शुरू कीं.

आय में भारी इजाफा: 15 हजार से पहुंची 45 हजार तक

योगी सरकार की कुशल नीतियों और गीता देवी की कड़ी मेहनत का परिणाम है कि उनकी मासिक आय, जो पहले मात्र 15,000 रुपये थी, अब बढ़कर 40,000 से 45,000 रुपये के बीच पहुंच गई है. उन्होंने अब तक लगभग 2 करोड़ रुपये के बिजली बिल का संग्रह किया है, जिससे उन्हें 2 लाख रुपये का कमीशन प्राप्त हुआ. उनकी इस उपलब्धि के कारण उन्हें वर्ष 2023 में दिल्ली में आयोजित "लखपति दीदी" कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष शामिल होने का गौरव भी प्राप्त हुआ.

3500 महिलाओं के लिए बनीं मिसाल

आज गीता देवी के नेतृत्व में छपरौली ब्लॉक की लगभग 3500 महिलाएं संगठित होकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं. गीता देवी स्वयं 11 महिला समूहों का मार्गदर्शन कर रही हैं. उनकी यह सफलता की कहानी प्रमाणित करती है कि उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाएं न केवल रोजगार दे रही हैं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान को भी नई ऊंचाई दे रही हैं.