'इस सरकार में यादव होना गुनाह...' जौनपुर एनकाउंटर में मारे गए 1 लाख के इनामी बदमाश रवि यादव के घरवालों ने ये सब कह दिया

यूपी तक

26 May 2026 (अपडेटेड: 20 Jul 2026, 11:57 AM)

Jaunpur Police Encounter News: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए 1 लाख रुपये के इनामी बदमाश रवि यादव की मौत के बाद मामला पूरी तरह गरमा गया है.

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Jaunpur Ravi Yadav Encounter News

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Jaunpur Ravi Yadav Encounter: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए 1 लाख रुपये के इनामी बदमाश रवि यादव की मौत के बाद मामला पूरी तरह गरमा गया है. पोस्टमार्टम हाउस से लेकर श्मशान घाट तक परिजनों ने जमकर हंगामा काटा और पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए. मृतक रवि यादव के परिजनों का सीधा आरोप है कि जौनपुर पुलिस ने उनकी मर्जी के खिलाफ, जबरदस्ती शव का अंतिम संस्कार करवा दिया. परिजनों का कहना है कि वे पुलिस के सामने लगातार शव सौंपने की गुहार लगाते रहे, हाथ जोड़कर रोते-चीखते रहे, लेकिन खाकी ने उनकी एक न सुनी और आनन-फानन में अंतिम क्रिया करा दी.

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पोस्टमार्टम हाउस से जबरन रामघाट पहुंचाया शव

मृतक के परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले पोस्टमार्टम हाउस से रवि यादव के शव को अपनी कस्टडी में लिया और परिजनों की इच्छा के विरुद्ध जबरन रामघाट (श्मशान घाट) पहुंचा दिया. वहां माहौल न बिगड़े, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर रखा था. उसी बीच पुलिस ने मृतक रवि के पिता से मुखाग्नि दिलवा दी. इस बीच जब परिवार की महिला सदस्य किसी तरह रामघाट पहुंचीं और उन्होंने इस जबरदस्ती का विरोध किया, तो पुलिसकर्मियों के साथ उनकी तीखी नोंकझोंक भी हुई, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उन्हें शांत करा दिया.

परिजनों ने लगाया आरोप

इस पूरी कार्रवाई से आक्रोशित रवि यादव के परिजनों ने सीधे सूबे की सत्ताधारी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस सरकार में 'यादव' होना ही सबसे बड़ा गुनाह बन गया है. परिजनों ने मांग की है कि अगर सरकार निष्पक्ष है, तो इस मामले से जुड़े सभी आरोपियों का एनकाउंटर होना चाहिए. उन्होंने अपनी बात को पुख्ता करने के लिए मृतक दूल्हे आज़ाद बिंद की बहन सौम्या के बयानों का हवाला दिया. परिजनों के मुताबिक, सौम्या लगातार यह कह रही है कि इस पूरी वारदात में भोले राजभर, शोले राजभर और प्रदीप बिंद मुख्य रूप से शामिल हैं, लेकिन पुलिस ने उन्हें छोड़कर रवि यादव को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया और मार गिराया क्योंकि वह यादव जाति से था.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, यह पूरा विवाद 1 मई को हुआ था, जब बारात लेकर निकले दूल्हे आज़ाद बिंद की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस हाईप्रोफाइल मर्डर केस के बाद जौनपुर पुलिस लगातार नामजद आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही थी. इसी कड़ी में 24 मई की देर रात खेतासराय थाना क्षेत्र के गोरारी इलाके में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई. पुलिस के मुताबिक, खुद को घिरा देख आरोपी की तरफ से फायरिंग की गई, जिसके बाद की गई जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली लगने से 1 लाख का इनामी रवि यादव ढेर हो गया था.