Simran Punjabi Fake ID News: उत्तर प्रदेश के भदोही में सोशल मीडिया के जरिए कथित तौर पर गैरकानूनी गतिविधियां संचालित करने वाले एक नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस के अनुसार 'सिमरन पंजाबी' नाम से बनाई गई एक फर्जी महिला प्रोफाइल के जरिए ऑनलाइन चैट ग्रुप संचालित किए जा रहे थे. वहीं आरोप है कि इन ग्रुपों में बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा अश्लील कंटेंट बेचा जाता था और अन्य अवैध लेन-देन भी कराए जाते थे. बता दें इस मामले में पुलिस ने एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया है.
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फर्जी प्रोफाइल से चल रहा था नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने फेसबुक और वॉट्सएप पर 'सिमरन पंजाबी' नाम से फर्जी महिला आईडी बनाई थी. इस आईडी के जरिए वह अपनी असली पहचान छिपाकर लोगों से संपर्क करता था. जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया पर कई चैट ग्रुप बनाए गए थे, जहां कथित तौर पर बच्चों से जुड़े अश्लील वीडियो और फोटो बेचे जाते थे. पुलिस का यह भी दावा है कि इन्हीं माध्यमों से लड़कियों की जिस्मफरोशी के नाम पर पैसों का लेन-देन भी कराया जाता था.
दो आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में सुरियावां थाना क्षेत्र के मऊरामशाला का रहने वाला एक व्यक्ति और भदोही थाना क्षेत्र के बसुपरा गांव की रहने वाली एक महिला शामिल हैं. अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया, 'आरोपी ने 'सिमरन पंजाबी' नाम से फेसबुक और वॉट्सएप पर फर्जी महिला आईडी बना रखी थी. वह अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर सोशल मीडिया के जरिए गतिविधियां संचालित कर रहा था.'
मोबाइल में मिले संदिग्ध चैट
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और दो आधार कार्ड बरामद किए गए हैं. इनमें एक आधार कार्ड 'सिमरन पंजाबी' के नाम से फर्जी बताया गया है. पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह इसी फर्जी पहचान का इस्तेमाल करता था. अधिकारियों के अनुसार, 'मोबाइल की जांच में कई संदिग्ध वॉट्सएप चैट और आपत्तिजनक मीडिया फाइलें मिली हैं, जिनकी जांच की जा रही है.'
तकनीकी निगरानी से हुई पहचान
पुलिस का कहना है कि बच्चों के यौन शोषण से जुड़े ऑनलाइन कंटेंट की निगरानी के दौरान इस नेटवर्क की जानकारी मिली थी. तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें गिरफ्तार किया गया. इसके बाद उनके मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच शुरू की गई, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आईं.
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए थे तथा इसके तार किन-किन स्थानों तक फैले हैं. अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है और मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सोशल मीडिया के जरिए संचालित इस कथित नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका रही.
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