Hamirpur Court Verdict News: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले की एक विशेष पॉक्सो (POCSO) अदालत ने 11 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. धार्मिक शिक्षा देने वाले मौलाना मुंतजिर आलम ने मस्जिद जैसी पवित्र जगह पर इस हैवानियत को अंजाम दिया था. विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने दोषी मौलाना को कठोर उम्रकैद की सजा दी है, जिसके तहत वह अब अपने जीवनकाल की आखिरी सांस तक जेल की सलाखों के पीछे ही रहेगा. इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 26,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
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बच्चों की छुट्टी कर वारदात को दिया अंजाम
सरकारी वकील रुद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, यह दर्दनाक घटना कुरारा थाना क्षेत्र के एक गांव की है. 29 नवंबर 2023 की सुबह करीब 7 बजे पीड़ित बच्ची अपने छोटे भाई के साथ मस्जिद में पढ़ाई करने गई थी. वहां मौजूद मौलाना मुंतजिर आलम ने बाकी सभी बच्चों की छुट्टी कर दी और पीड़िता के भाई को बर्तन धोने के काम में लगा दिया. इसके बाद उसने पीड़िता को झाड़ू लगाने के बहाने रोका और जबरदस्ती अपने बेड पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया.
घर पहुंचकर सुनाई आपबीती
इस खौफनाक वारदात के बाद मासूम बच्ची सुबह करीब साढ़े 8 बजे रोते हुए अपने घर पहुंची और अपनी दादी को सारा दर्द बयां किया. बच्ची की बात सुनकर उसके चाचा तुरंत उसे लेकर थाने पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले आरोपी मौलाना के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था, जिसे अब अदालत ने सख्त सजा सुनाई है.
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