Ghaziabad Rain Alert: दिल्ली-एनसीआर समेत गाजियाबाद और इसके आसपास के इलाकों में रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है. लगातार हो रही तेज बारिश के कारण जिले के कई रिहायशी इलाकों और मुख्य सड़कों पर भारी जलभराव हो गया है. सुबह-सुबह दफ्तर जाने वाले नौकरीपेशा लोगों और स्कूल जाने वाले बच्चों को इस जलभराव के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
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मौसम के कड़े मिजाज को देखते हुए गाजियाबाद के जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों में आज, यानी 9 जुलाई 2026 को छुट्टी रहेगी. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, यह नियम सभी सरकारी, प्राइवेट, एडेड और सभी बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों पर सख्ती से लागू होगा.
सुबह-सुबह सड़कों पर फंसे लोग
रात से शुरू हुआ बारिश का दौर सुबह तक थमा नहीं, जिसके चलते गाजियाबाद के निचले इलाके पानी में डूब गए. बढ़ती मुसीबत को देखते हुए कई स्कूलों ने अपने स्तर पर सुबह ही छुट्टी की घोषणा कर दी थी, जिसके बाद प्रशासन ने भी डीएम के आदेश पर तुरंत आधिकारिक छुट्टी की घोषणा की गई.
जनपद गाजियाबाद में अत्यधिक वर्षा को देखते हुए जिलाधिकारी महोदय के निर्देश पर नर्सरी से कक्षा 12 तक के संचालित समस्त सरकारी, प्राइवेट, अशासकीय सहायता प्राप्त और समस्त बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में आज दिनांक 9 जुलाई 2026 को कक्षाएं संचालित नहीं की जाएंगी.
बारिश तो आफत है, पर ड्रेनेज सिस्टम का क्या?
मानसून की पहली कुछ बारिशों में ही दिल्ली-एनसीआर का यह हाल होना अब एक कड़वी सच्चाई बन चुका है. बारिश से मौसम तो सुहाना होता है, लेकिन गाजियाबाद जैसी जगहों पर यह आम जनता के लिए आफत बनकर बरसती है. प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टी करके बच्चों को तो सुरक्षित कर लिया, जो कि बेहद जरूरी कदम था, लेकिन सवाल वही पुराना है- हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी चंद घंटों की बारिश में शहर टापू क्यों बन जाता है? दफ्तर जाने वालों और सड़कों पर फंसे लोगों की इस परेशानी का पक्का इलाज कब होगा, इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है.
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