Afzal Ansari on Mukhtar Ansari: उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद अंतर्गत मधुबन क्षेत्र के बीबीपुर में महान स्वतंत्रता सेनानी ब्रिगेडियर उस्मान के 78वें शहादत दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में आजमगढ़ के सपा सांसद धर्मेंद्र यादव, गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी और मऊ सदर से विधायक अब्बास अंसारी सहित समाजवादी पार्टी के कई दिग्गज नेता शामिल हुए. इस दौरान मीडिया से मुखातिब हुए गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी ने पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की मौत को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला और उन्हें शहीद करार दिया. वहीं विधायक अब्बास अंसारी ने भी आगामी चुनाव और मऊ की जनता से अपने रिश्तों को लेकर विरोधियों को दोटूक जवाब दिया.
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मुख्तार अंसारी को लेकर अब्बास अंसारी ने ये कहा
पत्रकारों से बातचीत के दौरान सांसद अफजाल अंसारी ने अपने भाई मुख्तार अंसारी की राजनीतिक और सामाजिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि मऊ की महान जनता के आशीर्वाद से मुख्तार अंसारी लगातार पांच बार विधायक रहे. उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा 'जब चुनाव में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री भी वोट मांगने आए तब भी वे मुख्तार का कुछ नहीं बिगाड़ पाए. इस जालिम हुकूमत ने मुख्तार अंसारी को 18 साल जेल में रखकर जुल्म की इंतेहा कर दी, यातनाएं दीं और अंत में जहर देकर उनकी हत्या कर दी. वे शहीद हो गए हैं.'
अफजाल अंसारी ने आगे कहा कि आज भले ही मुख्तार दुनिया में नहीं हैं. लेकिन गरीबों के दिलों में उनका स्थान किसी देवता जैसा है. उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा 'आज भी सामंतवादी, जुल्मी और माफिया रात में सोते समय डर से जग जाते हैं कि मुख्तार जिंदा है या मर गया. जब तक वे जिंदा थे तब तक ये सब बिलों में छुपे थे जो आज अचानक शंकराचार्य बनकर घूम रहे हैं.'
'अब्बास के साथ छल न होता तो लाता देश के लिए ओलंपिक मेडल'
अब्बास अंसारी के खेल करियर और राजनीति में आने के सवाल पर अफजाल अंसारी ने भावुक और आक्रामक अंदाज में जवाब दिया. उन्होंने बताया कि अब्बास नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट रहा है और वर्ल्ड कप में भारतीय शूटिंग टीम का कैप्टन बनकर गया था. अफजाल ने आरोप लगाया कि वह तो ओलंपियन बनने की राह पर था. लेकिन कुछ लोगों को यह बात हजम नहीं हुई कि मुख्तार का बेटा ओलंपियन कैसे बन जाएगा? लोगों ने उसका पैर खींच लिया जिसके कारण वह गर्दन में ही अटक गया. अगर अब्बास के साथ छल और बेईमानी नहीं हुई होती तो वह आज भारत के लिए ओलंपिक मेडल जीतकर लाता.'
बुलडोजर से संपत्ति ढहाई लेकिन दिलों से नाम नहीं मिटा सकते
सरकार की बुलडोजर कार्रवाई पर बोलते हुए अफजाल ने कहा कि मुख्तार ने हमेशा दूसरों की मदद की और हजारों गरीबों के घर बनवाए. लेकिन अपने बच्चों के सिर छुपाने के लिए कोई घर नहीं बनवाया. अगर उनके दादा की हवेली न होती तो इन बच्चों के पास रहने को एक कमरा तक नहीं था. उन्होंने कहा 'इन लोगों ने मुख्तार की जान ही नहीं ली बल्कि उनकी जगह, जमीन, खेत, बाग, गोदाम और होटल सब बुलडोजर से ढहा दिए. वे ऐंठ रहे हैं कि नामोनिशान मिटा दिया. लेकिन गरीबों के दिलों में बनी उनकी तस्वीर को इस सरकार के बापदादा भी नहीं मिटा सकते. वक्त आने पर मऊ नया इतिहास बनाएगा.'
रगों में है स्वतंत्रता सेनानियों का खून
सपा सांसद ने मऊ सीट से अब्बास अंसारी की दावेदारी को मजबूती देते हुए कहा कि अब्बास के पास आज भी वो हौसला है कि उसने जुल्म के सामने घुटने नहीं टेके. उसकी रगों में मुख्तार अंसारी के साथ-साथ देश के लिए कुर्बानियां देने वाले ब्रिगेडियर उस्मान और डॉ. एम. ए. अंसारी का खून दौड़ रहा है. अगर समाजवादी पार्टी अब्बास को मऊ से उम्मीदवार बनाती है तो जनता जानती है कि वह मुख्तार का बेटा होने के साथ-साथ एक राष्ट्रीय छवि का बेहतरीन खिलाड़ी भी है.
अब्बास अंसारी का विरोधियों पर पलटवार
मऊ सदर सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर खुद विधायक अब्बास अंसारी ने बेहद सधे हुए लहजे में जवाब दिया. अब्बास ने कहा कि 'मैं चुनाव लड़ूंगा या नहीं यह यहां की जनता तय करेगी. मेरा काम जनता की खिजमत (सेवा) करना है और इसके लिए मुझे किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है. मैं और मेरी अवाम... यह बुनकरों की सरजमीं है और हमारा यहां के लोगों के साथ ताने-बाने का अटूट रिश्ता है, न वो हमसे जुदा हो सकते हैं और न हम उनसे.'
अब्बास अंसारी ने विरोधियों और मीडिया के सवालों पर चुटकी लेते हुए आगे कहा 'बाकी सब अल्लाह पर छोड़ दीजिए. जब चुनाव का रिजल्ट आएगा तो हर बार की तरह इस बार भी फिजूल बोलने वालों का मुंह खुद-ब-खुद बंद हो जाएगा. पिछली बार भी जब मैं आया था तो आपने यही पूछा था, इस बार भी पूछ रहे हैं. अब देखना यह है कि हमारे यहां आने से किसके पेट में दर्द होता है, क्योंकि हमारा यहां होना कुछ लोगों को हजम नहीं होता.
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