कौन हैं हापुड़ की PCS अधिकारी सीमा चौधरी? जिनपर उनकी मां ने ही लगाए 15 लाख और जमीन हड़पने के आरोप

राहुल कुमार

• 12:39 PM • 03 Jul 2026

हापुड़ की PCS अधिकारी सीमा चौधरी से जुड़े मामले में मां की शिकायत पर 15 लाख रुपये के कथित दुरुपयोग और जमीन हड़पने के आरोप में FIR दर्ज, पुलिस जांच जारी.

Hapur PCS officer Seema Chaudhary Case

Hapur PCS officer Seema Chaudhary Case (Photo: AI Generated)

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Hapur PCS Officer Seema Chaudhary Case: हापुड़ में तैनात PCS अधिकारी एवं जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) सीमा चौधरी अपनी मां की शिकायत के बाद कानूनी जांच के दायरे में आ गई हैं. सहारनपुर निवासी मुनेश रानी ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी ने कथित तौर पर उनकी जानकारी के बिना उनके बैंक खाते का इस्तेमाल किया, उसमें 15 लाख रुपये जमा कराए और बाद में फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनकी जमीन हड़पने की साजिश रची. शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने सीमा चौधरी समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है. फिलहाल आरोपों की जांच जारी है और उनकी पुष्टि होना बाकी है.

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मां की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस के अनुसार, सहारनपुर के थाना सरसावा में 30 जून को मुनेश रानी की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया. एफआईआर में सीमा चौधरी के अलावा संजीव कुमार, गंभीर, राजेंद्र राणा और नरेश कुमार को भी नामजद किया गया है. शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने सबसे पहले 13 मई को थाना सरसावा में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से शिकायत की. एसएसपी के निर्देश पर जांच कराई गई, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सामने आने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया.

एफआईआर के मुताबिक, मुनेश रानी का आरोप है कि गाजियाबाद स्थित आईसीआईसीआई बैंक में उनके नाम से एक खाता खुलवाया गया था, लेकिन उसका संचालन उनकी बेटी करती थीं. उन्होंने दावा किया कि उन्हें खाते में होने वाले लेनदेन की जानकारी नहीं दी जाती थी. शिकायत के अनुसार, एक दिन मोबाइल पर बैंक का संदेश आने के बाद उन्हें पता चला कि खाते में 15 लाख रुपये जमा हुए हैं. बैंक जाकर जानकारी लेने पर उन्हें इस रकम की जानकारी मिली. उनका आरोप है कि उनकी अनुमति के बिना खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध आय छिपाने के लिए किया गया. पुलिस अब बैंक खाते और उससे जुड़े लेनदेन की जांच कर रही है.

जमीन हड़पने की साजिश का भी आरोप

मुनेश रानी ने अपनी शिकायत में जमीन विवाद का भी जिक्र किया है. उनका आरोप है कि उनकी संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से 16 सितंबर 2023 की एक कथित रसीद तैयार की गई, जिस पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए. शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्हें इसकी जानकारी तहसील प्रशासन से मिली. बाद में हस्ताक्षरों की जांच कराई गई, जिसमें कथित तौर पर हस्ताक्षर मेल नहीं खाने की बात सामने आई. उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई. डर के कारण उन्हें अपनी जमीन देहरादून निवासी नैन्सी जोशी के नाम बेचनी पड़ी.

पुलिस जांच में जुटी

नकुड़ क्षेत्र के सीओ पवन कुमार ने बताया कि शिकायत की जांच के दौरान प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसे आरोप सामने आने पर मुकदमा दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि अब पूरे मामले की निष्पक्ष विवेचना की जा रही है. जांच के दौरान बैंक रिकॉर्ड, कथित फर्जी दस्तावेज, जमीन से जुड़े अभिलेख, हस्ताक्षरों की जांच रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी. जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे. पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामला जांच के अधीन है और एफआईआर में लगाए गए आरोप अभी सिद्ध नहीं हुए हैं. विवेचना पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

कौन हैं PCS अधिकारी सीमा चौधरी?

सीमा चौधरी उत्तर प्रदेश कैडर की PCS अधिकारी हैं और वर्तमान में हापुड़ में जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) के पद पर तैनात बताई जाती हैं. हाल ही में वे सुर्खियों में तब आईं जब उनकी मां ने उन पर बैंक खाते के कथित दुरुपयोग और जमीन से जुड़े विवाद में गंभीर आरोप लगाए. फिलहाल यह पूरा मामला पुलिस जांच के अधीन है और आरोपों की पुष्टि होना बाकी है.