Zaid Murder Case Ground Report: गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर इलाके में मोहम्मद जैद हत्याकांड का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. इस बीच यूपी Tak की टीम जब ग्राउंड जीरो पर मृतक जैद के घर पहुंची तो वहां चीख-पुकार और मातम का माहौल था. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे इंसाफ के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हाथ जोड़कर गुहार लगा रहे हैं. परिजनों का साफ कहना है कि जैद के शरीर, गर्दन और हाथ पर चोट के गहरे निशान थे और मार-मारकर उसके दोनों कान नीले पड़ चुके थे. पीड़ित परिवार और जनाजे में उमड़ी भयानक भीड़ की बस एक ही मांग है कि मुख्य आरोपी राहुल का तुरंत एनकाउंटर किया जाए और उसके घर पर बुलडोजर चलाया जाए.
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परिजनों ने क्या-क्या बताया
यूपी Tak की टीम से बात करते हुए मृतक के परिवार के एक सदस्य ने इस खौफनाक हत्याकांड की पूरी इनसाइड स्टोरी बताई. उन्होंने बताया कि 'जैद अपने दोस्त नदीम के साथ बाइक से स्विमिंग पूल नहाने जा रहा था. तभी लोनी मेन रोड से बहटा रोड की तरफ मुड़ते वक्त एक नीले रंग की कार से उनकी हल्की सी टक्कर हो गई. कार सवार राहुल पहलवान का ईगो इस कदर हर्ट हुआ कि उसने जैद को पांच-छह चांटे रसीद कर दिए और उसकी बाइक की चाबी निकाल ली. वहां पास में ही जाम खुलवाने के लिए दो पुलिस कांस्टेबल खड़े थे जिन्हें देखकर आरोपी वहां से आगे निकल गए.'
परिजनों के मुताबिक, इसके बाद आरोपियों में से एक लड़का जो कथित तौर पर गुर्जर बिरादरी से था वह जैद की बाइक स्टार्ट करके पीछे लाया और जैद के दोस्तों से कहा कि मनीष प्रॉपर्टीज के ऑफिस पर आ जाओ और अपनी चाबी व गाड़ी ले जाओ. जब दोस्त करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर उस दफ्तर पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए. जैद वहां अधमरा और बेसुध हालत में चारों खाने चित पड़ा था. आरोपियों ने उसके दोस्तों को धमकी दी कि 'इसे यहां से उठा ले जाओ, नहीं तो तुम्हारा भी यही हाल करेंगे.'
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
परिजनों ने बताया कि जब वे जैद को उठाकर अस्पताल ले गए तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. जैद के शरीर पर बर्बरता की साफ गवाही दिख रही थी. परिजनों ने बताया 'लड़के को इतनी बेरहमी से पीटा गया था कि जब हम उसे लेकर आए तो उसकी सांसें पूरी तरह थम चुकी थीं. उसकी गर्दन और हाथों पर गहरे जख्म थे और दोनों कान मार के कारण नीले पड़ चुके थे. हमें नहीं पता कि उसे किस चीज से मारा गया है, अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी.'
जनाजे में फूटा महिलाओं का आक्रोश
इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों और परिजनों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी गहरा रोष है. परिवार का कहना है कि उन्होंने सुना है कि एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. लेकिन जब वे इस बात की पुष्टि के लिए कोतवाल साहब को फोन कर रहे हैं तो वो फोन नहीं उठा रहे हैं. परिजनों ने कहा कि 'अगर मुख्य आरोपी राहुल और उसके साथी जल्द गिरफ्तार नहीं हुए और उनका एनकाउंटर नहीं हुआ तो हम जैद के शव को लेकर एसएसपी ऑफिस के सामने बैठ जाएंगे और जब तक सख्त कार्रवाई नहीं होगी, वहां से बॉडी नहीं हटाएंगे.'
जैद के सुपुर्दे-खाक (अंतिम संस्कार) से पहले जनाजे के दौरान महिलाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर देखा गया. महिलाएं बिलखते और रोते हुए 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे लगा रही थीं. इस भारी आक्रोश को काबू करने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ-साथ जमीयत उलमा के पदाधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे जो लगातार लाउडस्पीकर से लोगों को ढांढस बंधा रहे थे कि कानून अपना काम कर रहा है और आला अधिकारियों से बात हो रही है इसलिए न्याय पर भरोसा रखें.
इस दर्दनाक घटना के बाद अब भी कई बड़े सवाल हवा में तैर रहे हैं कि महज एक छोटी सी गाड़ी की टक्कर का अंजाम किसी की बेरहम हत्या कैसे हो सकता है? और कानून को ठेंगे पर रखने वाला मुख्य आरोपी राहुल पहलवान आखिर कब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर भागेगा?
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