Ghaziabad Zaid Murder: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी इलाके से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां सड़क पर एक मामूली सी टक्कर के बाद शुरू हुए विवाद में जैद नाम के एक युवक की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. इस घटना के बाद से पूरे इलाके के मुस्लिम समाज में भारी आक्रोश है. मृतक जैद के जनाजे में उमड़ी भयानक भीड़ ने मुख्य आरोपी राहुल के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर नारेबाज़ी की. पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे तौर पर मांग है कि जैसे उनके भाई को तड़पा-तड़पा कर मारा गया है वैसे ही मुख्य आरोपी राहुल का भी एनकाउंटर किया जाए और उसके घर पर बुलडोजर चलाया जाए. माहौल को बिगड़ता देख पुलिस प्रशासन और जमीयत उलमा की टीम भीड़ को शांत कराने की कोशिशों में जुटी हुई है.
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सड़क पर मामूली टक्कर और फिर ईगो हर्ट होने पर मर्डर
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब ज़ैद अपने दोस्त नदीम के साथ बाइक पर सवार होकर स्विमिंग पूल में नहाने जा रहा था. जब वे लोनी मेन रोड से बहटा रोड की तरफ मुड़ रहे थे तभी उनकी बाइक की एक नीले रंग की कार से हल्की सी टक्कर हो गई.
प्रत्यक्षदर्शियों और आरोपों के मुताबिक, इस मामूली टक्कर ने कार सवार आरोपी राहुल का ईगो इतना हर्ट कर दिया कि वह और उसके साथी गुस्से से आगबबूला हो गए. वे जैद को जबरन अपनी गाड़ी में डालकर सीधा मनीष प्रॉपर्टीज नाम की जगह पर ले गए. वहां आरोपियों ने ज़ैद को इतनी बेरहमी से पीटा कि वह मरणासन्न स्थिति में पहुंच गया. जब जैद के दोस्त मौके पर पहुंचे तो वह बेहोश पड़ा था. उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
"आरोपी का एनकाउंटर करो, बुलडोजर चलाओ"
यूपी Tak की टीम जब पीड़ित परिवार के घर पहुंची तो वहां का नजारा बेहद तनावपूर्ण और गमगीन था. जैद के जनाजे में हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा थे, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं. भीड़ लगातार 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे लगा रही थी. पीड़ित परिवार और वहां मौजूद लोगों ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा 'योगी जी से हमारी यही मांग है कि जैसे हमारे भाई को मारा है, वैसे ही इनका भी एनकाउंटर होना चाहिए. तभी हम सोचेंगे कि हमें इंसाफ मिला है. कानून और संविधान सबके लिए एक होना चाहिए। अगर कोई मुस्लिम वारदात या छेड़खानी करता है तो तुरंत तमाम राजनेता और अधिकारी वहां पहुंच जाते हैं और बड़ी कार्रवाई होती है. फिर हमारे साथ यह भेदभाव क्यों हो रहा है? स्थानीय विधायक नंद किशोर गुर्जर हमारे समर्थन में क्यों नहीं खड़े हो रहे?'
जमीयत उलमा और पुलिस ने संभाला मोर्चा
जनाजे के दौरान बेकाबू होती भीड़ को शांत करने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ-साथ जमीयत उलमा के पदाधिकारी भी मुस्तैद दिखे. जमीयत के पदाधिकारियों ने बकायदा माइक से अनाउंसमेंट करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा 'प्रशासन अपना काम कर रहा है, मेरी बात सुनो, इंसाफ मिलेगा. जमीयत उलमा हमेशा आपके साथ खड़ी है. आला अधिकारियों से बात चल रही है अपने जिम्मेदारों पर भरोसा रखो.'
इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर थाना लोनी बॉर्डर में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं और विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. हालांकि मुख्य आरोपी राहुल वारदात को अंजाम देने के बाद से लगातार फरार है. अब देखना यह है कि पुलिस कब तक उसे कानून के शिकंजे में ला पाती है.
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