पकड़ा गया जैद हत्याकांड का दूसरा आरोपी अनुज कसाना...गिरफ्तारी के बाद केस में आया नया मोड़!

मयंक गौड़

• 03:19 PM • 03 Jul 2026

Ghaziabad Zaid Murder Case: गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर क्षेत्र में हुए चर्चित जैद हत्याकांड में पुलिस ने दूसरे मुख्य आरोपी अनुज कसाना को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बलेनो कार भी बरामद कर ली है.

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Ghaziabad Zaid Murder Case: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद अंतर्गत लोनी बॉर्डर क्षेत्र में हुए बहुचर्चित जैद हत्याकांड में स्थानीय पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सक्रिय हुई पुलिस ने घटना के दूसरे मुख्य आरोपी अनुज कसाना को गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही पुलिस ने वारदात के दौरान इस्तेमाल की गई बलेनो कार को भी अपने कब्जे में ले लिया है. आपको बता दें कि इस मामले का मुख्य आरोपी राहुल मावी उर्फ पहलवान पहले ही सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है. महज एक गाड़ी की खरोंच को लेकर हुए इस खौफनाक हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है.

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मामूली विवाद से शुरू हुआ खूनी खेल

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, यह पूरी घटना 29 जून 2026 की है. पीड़ित मोहम्मद जैद उर्फ शारिक अपनी मोटरसाइकिल से जा रहा था तभी इंद्रप्रस्थ गैस प्लांट चौराहे के समीप उसकी बाइक की टक्कर एक बलेनो कार से हो गई. कार में राहुल मावी और अनुज कसाना सवार थे जो लोनी तिराहे से फल लेकर लौट रहे थे. इस मामूली टक्कर के बाद कार सवारों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. उन्होंने जैद और उसके दो साथियों को जबरन दबोच लिया और बंधक बनाकर राहुल के सुनसान प्रॉपर्टी कार्यालय ले गए.

मौत के पहले बंद कमरे में किया टॉर्चर 

गिरफ्तार आरोपी अनुज कसाना ने पुलिस पूछताछ में कुबूल किया है कि वे जैद को सबक सिखाने और कार के नुकसान की भरपाई के लिए जबरन अपने ठिकाने पर ले गए थे. जब जैद ने पैसे देने से इनकार किया तो आरोपियों ने कमरे का दरवाजा बंद कर उस पर बेरहमी से लाठियां और घूंसे बरसाने शुरू कर दिए. इस बर्बर पिटाई से जैद अधमरा हो गया. किसी तरह उसके साथी उसे लहूलुहान हालत में नजदीकी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बाद भी गंभीर चोटों के कारण जैद ने दम तोड़ दिया.

जांच में जुड़ीं भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराएं

शुरुआती जांच के बाद गाजियाबाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस केस में पुख्ता डिजिटल और फोरेंसिक सबूत जुटाए हैं. सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और खुफिया तंत्र की मदद से पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी की. मामले के संगीन स्वरूप को देखते हुए विवेचना के दौरान मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई बेहद गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं.

क्या किसी गहरी साजिश का हिस्सा है यह वारदात?

हालांकि आरोपी इसे सिर्फ सड़क पर हुए विवाद का नतीजा बता रहे हैं लेकिन पुलिस इस थ्योरी पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर रही है. एक मामूली सी खरोंच के लिए किसी की जान ले लेना कई अनसुलझे सवाल खड़े करता है. गाजियाबाद पुलिस अब पकड़े गए दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास (क्रिमिनल बैकग्राउंड) को खंगाल रही है. पुलिस इस पहलू पर भी बारीकी से तफ्तीश कर रही है कि क्या इस हत्याकांड के पीछे कोई पुरानी रंजिश या कोई गहरा षड्यंत्र तो नहीं था. फिलहाल दोनों नामजद आरोपी जेल में हैं और मामले की कानूनी कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है.

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