बस्ती में DM दफ्तर के बाहर कफन ओढ़कर लेट गए इशहाक अली, बोले-'साहब कागजों में मर चुका हूं मुझे जिंदा कर दीजिए'

Basti News: बस्ती जिले के बुजुर्ग इशहाक अली खुद को जिंदा साबित करने के लिए कफन ओढ़कर DM दफ्तर पहुंच गए. राजस्व विभाग ने उन्हें 14 साल पहले कागजों में मृत घोषित कर उनकी जमीन हड़प ली थी. जबकि वह सरकारी विभाग से पेंशन ले रहे हैं.

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संतोष सिंह

17 Apr 2026 (अपडेटेड: 17 Apr 2026, 03:07 PM)

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Basti News: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से सरकारी सिस्टम की लापरवाही का एक अनोखा मामला सामने आया है.यहां इशहाक अली नाम का एक बुजुर्ग व्यक्ति कफन ओढ़कर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गया और उनके चैंबर के सामने लेट गया. नजारा देखते ही कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया. जब अधिकारी आनन-फानन में बुजुर्ग के पास पहुंचे तो बुजुर्ग ने रुआंसे आवाज में कहा कि 'साहब मैं मर चुका हूं, मुझे जिंदा कर दीजिए.' दरअसल यह बुजुर्ग पिछले 14 सालों से खुद के जिंदा होने के सबूत दे रहा है. लेकिन राजस्व विभाग की फाइलों में वह आज भी मृत हैं.

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क्या है पूरा मामला

पूरा मामला लालगंज थाना क्षेत्र के बानपुर गांव का है. यहां रहने वाले इशहाक अली सरकारी सिस्टम की चौखट पर माथा रगड़ते-रगड़ते थक चुके हैं.पीड़ित का आरोप है कि राजस्व विभाग के अधिकारियों ने 14 साल पहले ही उन्हें मृत घोषित कर दिया था. इस कागजी मौत का खामियाजा यह हुआ कि उनकी 0.770 हेक्टेयर पुश्तैनी जमीन किसी और के नाम दर्ज कर दी गई.

यह मामला तब और पेचीदा हो गया जब इशहाक अली के सर्विस रिकॉर्ड को देखा गया.  इशहाक अली संतकबीर नगर के नाथनगर सीएचसी में स्वीपर के पद पर तैनात थे. उन्होंने 31 दिसंबर 2019 को अपनी सेवा पूरी की और विभाग ने उन्हें ससम्मान सेवानिवृत्त किया. लेकिन राजस्व विभाग के दस्तावेजों के अनुसार उनकी मौत 2 दिसंबर 2012 को ही हो चुकी थी. आरोप है कि तत्कालीन राजस्व निरीक्षक ललित कुमार मिश्रा ने पद का दुरुपयोग करते हुए उन्हें मृत दिखाया और उनकी जमीन गांव की ही एक महिला के नाम कर दी.

वेतन और पेंशन जारी फिर भी फाइलों में मृत

हैरानी की बात यह है कि साल 2012 से 2019 के बीच जब राजस्व विभाग के अनुसार इशहाक अली स्वर्गवासी हो चुके थे तब भी स्वास्थ्य विभाग उन्हें हर महीने नियमित वेतन दे रहा था. रिटायरमेंट के बाद अब सरकार उन्हें पेंशन भी दे रही है. पीड़ित ने अधिकारियों से गुहार लगाते हुए कहा कि 'सरकार मुझे पेंशन दे रही है ताकि मैं पेट भर सकूं, बैंक मुझे पैसे दे रहा है क्योंकि मैं जिंदा हूं. लेकिन आपकी फाइलें मुझे मुर्दा बता रही हैं.'

अधिकारियों ने दिया आश्वासन

इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी  सदर शत्रुघ्न पाठक ने मामले को बेहद गंभीर बताया.उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति खुद को जीवित बता रहा है और उनके दस्तावेज इसकी पुष्टि करते हैं. मामले की गहन जांच की जाएगी और जिस भी कर्मचारी ने फर्जी तरीके से बुजुर्ग को मृत घोषित कर जमीन नाम की है.उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने बुजुर्ग को जल्द से जल्द कागजों में जिंदा करने और न्याय दिलाने का भरोसा दिया है.