यूपी के इन मदरसों में फर्जी अटेंडेंस लगाकर सैलरी ले रहे थे टीचर्स, मामला सामने आते ही मच गया हड़कंप

आशीष श्रीवास्तव

02 May 2026 (अपडेटेड: 02 May 2026, 01:20 PM)

Fake Biometric Attendance: उत्तर प्रदेश के मदरसों में फर्जी बायोमेट्रिक अटेंडेंस के जरिए वेतन निकालने का मामला सामने आया है. जौनपुर और बाराबंकी के कुछ मदरसों में इस तरह की गड़बड़ी पकड़ी गई है.

Biometric Attendance Representative Photo

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UP News: उत्तर प्रदेश के मदरसों में फर्जी बायोमेट्रिक अटेंडेंस के जरिए वेतन निकालने का मामला सामने आया है. जौनपुर और बाराबंकी के कुछ मदरसों में इस तरह की गड़बड़ी पकड़ी गई है. बता दें इसमें कर्मचारियों और कुछ लोगों की मिलीभगत से फर्जी हाजिरी लगाई जा रही थी. जौनपुर के मदरसा अबरे रहमत मझगवा में आरोप है कि प्रबंधन से जुड़े कुछ लोगों ने अपने परिवार के अंगूठे के निशान का इस्तेमाल करके शिक्षकों की हाजिरी दर्ज करवाई. इसके आधार पर वेतन भी निकाला गया. इसी तरह के मामले अब बाराबंकी से भी सामने आए हैं.

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फर्जी हाजिरी का खुलासा हुआ

बाराबंकी के मदरसा इस्लामिया स्कूल मैलारेगंज का एक वीडियो भी सामने आया है. इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि जो शिक्षक मौजूद नहीं थे, इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि जो शिक्षक मौजूद नहीं थे, उन्हें भी मौजूद दिखाया जा रहा है. इसके लिए बायोमेट्रिक मशीन की जगह प्लास्टिक कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा है. वीडियो में कुछ कर्मचारी कार्ड से हाजिरी लगाते दिख रहे हैं. साथ ही यह भी बताया गया है कि इस मदरसे में करीब दो दर्जन शिक्षक हैं और हाजिरी फिंगरप्रिंट मशीन से लगती है. लेकिन यह सिस्टम पूरी तरह ऑनलाइन नहीं है. इसी वजह से इसमें गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है. वहीं आरोप है कि कुछ लोग कागज पर हाजिरी दिखाकर सरकार को गलत जानकारी भेजते थे. इसी के आधार पर वेतन जारी किया जाता था. इससे सिस्टम की सच्चाई पर सवाल उठ रहे हैं.

फर्जीवाड़े के कई पुराने मामले भी सामने आए

तय नियम के अनुसार हर शिक्षक की हाजिरी बायोमेट्रिक मशीन से लगनी चाहिए. फिर उसकी रिपोर्ट जिला अल्पसंख्यक विभाग को भेजी जाती है. उसी के आधार पर वेतन दिया जाता है. लेकिन सही निगरानी न होने से गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं. पहले भी कुछ ऐसे मामले सामने आ चुके हैं. कुशीनगर में एक मामला सामने आया था जहां एक प्रबंधन से जुड़ी महिला पर आरोप लगा कि उसने विदेश में रहते हुए भी फर्जी हाजिरी से वेतन लिया. जौनपुर के एक अन्य मामले में प्रबंधन के लोगों के अंगूठों से कई शिक्षकों की हाजिरी लगाने का आरोप है. इस पर विभाग ने जांच शुरू कर दी है.
 

निगरानी में लापरवाही उजागर

अधिकारियों का कहना है कि हर मदरसे में बायोमेट्रिक हाजिरी जरूरी है और जिला स्तर पर इसकी निगरानी की जाती है. लेकिन निगरानी में कमी के कारण ऐसे मामले सामने आ रहे हैं. अब इस पूरे मामले की जांच की जा रही है. अधिकारियों ने कहा है कि अगर कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. फिलहाल इस खुलासे के बाद मदरसों की हाजिरी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं.