Noida International Airport News: उत्तर भारत और दिल्ली-NCR के लोगों के लिए हवाई सफर की एक नई और आधुनिक शुरुआत होने जा रही है. जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून 2026 से नियमित कमर्शियल उड़ानें शुरू होने जा रही हैं. इस कनेक्टिविटी हब के शुरू होने से अब यात्रियों को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (दिल्ली) पर निर्भरता से बड़ी राहत मिलेगी.
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उद्घाटन के बाद मिला फाइनल क्लीयरेंस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को इस भव्य एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था. उद्घाटन के बाद से ही शेष तकनीकी कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा था. हाल ही में एयरपोर्ट को एयरोड्रोम सिक्योरिटी प्रोग्राम (ASP) की महत्वपूर्ण मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद अब उड़ानें शुरू करने के लिए सभी बाधाएं दूर हो गई हैं.
क्षमताओं और विस्तार का रोडमैप
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. शुरुआत में यहाँ से सालाना लगभग 1.2 करोड़ यात्री सफर कर सकेंगे. आगामी चरणों में इसका विस्तार इस स्तर तक किया जाएगा कि सालाना 7 करोड़ से ज्यादा यात्री यहाँ से उड़ान भर सकेंगे. कई प्रमुख एयरलाइंस जल्द ही यहाँ से अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी में हैं.
नेट जीरो एमिशन वाला 'ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट'
यह एयरपोर्ट न केवल कनेक्टिविटी बल्कि पर्यावरण संरक्षण के मामले में भी मिसाल पेश करेगा. इसे 'नेट जीरो उत्सर्जन' वाला आधुनिक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाया गया है. इस प्रोजेक्ट को सरकार और निजी क्षेत्र की भागीदारी वाले पीपीपी (PPP) मॉडल पर तैयार किया गया है.
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार
15 जून से उड़ानें शुरू होने के साथ ही जेवर और उसके आसपास के इलाकों में व्यापार, रोजगार और पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे. यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के सबसे महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक और कनेक्टिविटी हब के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा.
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