Bareilly News: गरीबों को मिलने वाले राशन में लंबे समय से हो रही घटतौली और धांधली पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है. कोटेदारों द्वारा ई-वेइंग मशीनों में तकनीकी छेड़छाड़ कर राशन चोरी करने की शिकायतों के बाद जिला पूर्ति विभाग हरकत में आ गया है. जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) मनीष कुमार ने सभी कोटेदारों को अपनी ई-वेइंग मशीनें जांच के लिए विभाग में जमा कराने के निर्देश दिए हैं.
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जानकारी के अनुसार, राशन वितरण के दौरान उपभोक्ताओं के अंगूठे का निशान लेकर ई-पॉस मशीन से सत्यापन किया जाता है, जो डिजिटल तौल मशीन से जुड़ी होती है. इसी प्रक्रिया का फायदा उठाकर कुछ कोटेदार मशीन के अंदर पहले से वजन या ईंट रखकर डिजिटल डेटा में हेरफेर कर लेते हैं. इसके बाद जब रसीद निकलती है, तो राशन को अलग तराजू से तौला जाता है, जिसमें पहले से ही कम रीडिंग सेट कर दी जाती है. इस पूरे खेल में कार्डधारकों को हर बार 2 से 3 किलो तक राशन कम दिया जाता है.
प्रशासन ने इस गंभीर अनियमितता को रोकने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से मशीनों की गहन जांच कराने का फैसला लिया है. जांच के दौरान यदि किसी भी मशीन में छेड़छाड़ या गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित कोटेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसमें लाइसेंस निरस्तीकरण के साथ-साथ एफआईआर दर्ज करने की भी चेतावनी दी गई है.
प्रशासन का कहना है कि राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना प्राथमिकता है, ताकि पात्र लाभार्थियों को उनका पूरा हक मिल सके. इस कार्रवाई से कोटेदारों में हड़कंप मचा हुआ है और कई लोग अपनी मशीनों को लेकर सतर्क हो गए हैं.
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