Sheeshgarh Water Tank Failure Case: नगर पंचायत शीशगढ़ में करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई पानी की टंकी अभी तक जनता की प्यास बुझाने के लिए सक्षम नहीं है. दरअसल, लगभग 18 करोड़ 17 लाख रुपये की लागत से मोहल्ला अंसार नगर में निर्मित ओवरहेड टैंक टेस्टिंग के दौरान ही फेल हो गया है. इस टंकी का निर्माण अमृत 2.0 योजना के तहत किया गया था और 13 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री द्वारा इसका शिलान्यास भी किया गया था.
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बता दें, टंकी की क्षमता 20 लाख किलोलीटर बताई जा रही है और इसके जरिए “हर घर जल” योजना के अंतर्गत घर-घर पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन भी बिछाई गई थी. लेकिन निर्माण के एक वर्ष बाद भी स्थिति यह है कि कहीं टोंटियां नहीं लगी हैं, तो कहीं पाइपलाइन से पानी लीकेज होकर नालियों में बह रहा है.
"काम अधूरा और घटिया गुणवत्ता का हुआ"
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण काम अधूरा और घटिया गुणवत्ता का हुआ है. पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों को भी सही तरीके से नहीं बनाया गया, जिससे जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं और लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं. कई घरों में कनेक्शन तो दिए गए, लेकिन टोंटी नहीं लगाई गई, जिससे पानी व्यर्थ बह रहा है.
टोंटियां लगवाने में जनता को सहयोग करना चाहिए : जेई शुभम अग्रवाल
इस पूरे मामले में जल निगम के जेई शुभम अग्रवाल का कहना है कि टंकी का निर्माण पूरा हो चुका है और फिलहाल टेस्टिंग चल रही है, जो लगभग तीन महीने तक चलेगी. उन्होंने यह भी कहा कि टोंटियां लगवाने में जनता को सहयोग करना चाहिए.
50 हजार की आबादी शुद्ध पानी के लिए तरस रही
वहीं, नगर पंचायत चेयरमैन नीलोफर ने स्पष्ट कहा कि टंकी टेस्टिंग में फेल हो चुकी है, जिससे लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने विभाग को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए पत्र भी लिखा है. फिलहाल, करोड़ों खर्च होने के बावजूद शीशगढ़ की करीब 50 हजार की आबादी शुद्ध पानी के लिए तरस रही है.
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