देवरिया BJP प्रत्याशी शशांक मणि त्रिपाठी का दौड़ते-भागते वीडियो वायरल, आखिर मसला क्या था?

राम प्रताप सिंह

09 May 2024 (अपडेटेड: 09 May 2024, 05:22 PM)

Deoria: देवरिया लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी शशांक मणि त्रिपाठी का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. दरअसल वह और देवरिया के भाजपा नेता भागते हुए और दौड़ते हुए नजर आ रहे हैं. जानिए पूरा मामला

Deoria, Deoria News, Deoria Lok Sabha Chunav, Deoria Chunav, Shashank Mani Tripathi, Shashank Mani Tripathi News, BJP, UP News

Deoria

Google CTA

UP Lok Sabha Chunav: लोकसभा चुनावों का आधा सफर पूरा हो चुका है. अब आने वाले 13 मई के दिन चौथे चरण की वोटिंग है. इसी बीच राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को लेकर तरह-तरह की खबरें सामने आ रही हैं. अब उत्तर प्रदेश की देवरिया लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार शशांक मणि त्रिपाठी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

यह भी पढ़ें...

दरअसल शशांक मणि त्रिपाठी को भाजपा ने देवरिया लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है. इसी बीच आज देवरिया से शशांक मणि त्रिपाठी अपना नामांकन दाखिल करने पहुंचे. इस दौरान वह भागते और दौड़ते हुए नजर आए.  

भागे-भागे नामांकन करने पहुंचे शशांक मणि त्रिपाठी

बता दें कि शशांक मणि त्रिपाठी नामांकन करने के लिए पहुंचे. मगर उन्हें देर हो गई. दरअसल नामांकन से पहले उन्होंने सभा को संबोधित किया. इस दौरान उनका काफी समय इसमें चला गया. ऐसे में नामांकन दफ्तर में जाते समय उन्हें देर हो गई और नामांकन का समय खत्म होने लगा.

ये देखते ही शशांक मणि त्रिपाठी, भाजपा जिला अध्यक्ष समेत जिले के कई भाजपा नेताओं ने दौड़ लगा दी. इस दौरान उनकी पुलिसकर्मियों से थोड़ी धक्कामुक्की भी हो गई. मगर वह समय से पहले नामांकन दफ्तर में पहुंचने में कामयाब रहे. बता दें कि अब शशांक मणि त्रिपाठी का ये वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है.

कांग्रेस और बसपा ने इन्हें बनाया है अपना उम्मीदवार

बता दें कि देवरिया लोकसभा सीट से भाजपा ने जहां शशांक मणि त्रिपाठी को अपना प्रत्याशी बनाया है तो वही बहुजन समाज पार्टी ने संदेश यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है. इसी के साथ देवरिया सीट पर कांग्रेस ने अखिलेश सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है. बता दें कि बसपा ने यहां से संदेश यादव को उतारकर कांग्रेस-सपा गठबंधन उम्मीदवार के लिए मुश्किलें पैदा कर दी हैं. दरअसल देवरिया में यादव अच्छी संख्या में हैं और संदेश यादव के पिता जो कि पूर्व विधायक रह चुके हैं, उनकी यादव वोट बैंक पर अच्छी पकड़ हैं.