उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'मिशन रोजगार' के तहत एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि अगले 6 महीनों के भीतर प्रदेश के 1 लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र यानी Appointment Letters सौंपे जाएंगे.
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सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'नोट कर लीजिए, अगले 6 महीने के भीतर 1 लाख नौजवानों को हर हफ्ते अलग-अलग चरणों में सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे.' मुख्यमंत्री ने भर्ती बोर्डों और आयोगों को परिणाम में देरी न करने और समय सीमा को और सीमित करने के सख्त निर्देश दिए हैं'.
सीएम योगी की भर्ती आयोगों को दो टूक हदायत
लंबे समय से परीक्षाओं के परिणाम और जॉइनिंग का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों की परेशानी पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता जताई. उन्होंने कहा कि जब कोई युवा परीक्षा देकर रिजल्ट के लिए भटकता है तो बुरा लगता है. सीएम योगी ने UPPSC, UPSSSC और UPPRPB जैसे भर्ती बोर्डों को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षाएं पूरी निष्पक्षता,पारदर्शिता और तय समय सीमा के भीतर कराई जाएं.आयोगों को परिणाम घोषित करने और जॉइनिंग देने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है ताकि किसी भी युवा का समय बर्बाद न हो.
इन विभागों में मिलेंगे नियुक्ति पत्र
बता दें कि जिन भर्तियों के एग्जाम हो चुके हैं, रिजल्ट प्रक्रियाधीन हैं या फाइनल मेरिट लिस्ट आना बाकी है उन्हें अगले 6 महीनों में पूरा किया जाएगा.
यूपी पुलिस विभाग: सिपाही (Constable), सब-इंस्पेक्टर (SI) और अन्य संवर्गों के पद.
यूपीएसएसएससी (UPSSSC): लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी (VDO) और जूनियर असिस्टेंट जैसी बहुप्रतीक्षित भर्तियां.
स्वास्थ्य विभाग: एएनएम (ANM), स्टाफ नर्स और डॉक्टरों के पदों पर रुकी हुई जॉइनिंग.
शिक्षा विभाग: माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के पद.
सीएम योगी का मास्टरस्ट्रोक
2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है. 1 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र मिलने का सीधा मतलब है कि लगभग 1 लाख परिवारों में खुशहाली आएगी. हाल के दिनों में अभ्यर्थियों द्वारा रिजल्ट और जॉइनिंग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शनों और जन प्रतिनिधियों के घेराव के बाद सरकार का यह कदम युवाओं को राहत देने और 'मिशन रोजगार' को रफ्तार देने की दिशा में एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक कदम है.
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