'बाबा साहब' की प्रतिमा, पुलिस पर संगीन आरोप और फिर पथराव... बदायूं में दिनभर क्यों मचा बवाल?

अंकुर चतुर्वेदी

• 10:19 AM • 26 Aug 2026

Badaun News: बदायूं के राजा की सीकरी गांव में अंबेडकर प्रतिमा लगाने को लेकर विवाद के बाद पुलिस-प्रशासन की टीम पर पथराव हुआ. ग्रामीणों ने पुलिस पर प्रतिमा गिराने का आरोप लगाया है.

Badaun News

Badaun News

Google CTA

उत्तर प्रदेश के बदायूं में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर मंगलवार को दिनभर चला विवाद शाम होते-होते बवाल में बदल गया. फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के राजा की सीकरी गांव में सरकारी जमीन पर प्रतिमा स्थापित करने को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ. ग्रामीणों ने 2 पुलिसकर्मियों पर प्रतिमा को लात मारकर गिराने और उसका हाथ तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया. इसके बाद शाम को पुलिस-प्रशासन की टीम पर पथराव कर दिया गया. 

यह भी पढ़ें...

बदायूं जिलाधिकारी अवनीश कुमार राय और एसएसपी बदायूं अंकिता शर्मा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. प्रशासन के मुताबिक, पथराव में 7 पुलिसकर्मी और एक ग्रामीण घायल हुए हैं. पुलिस और प्रशासन के कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं. स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लिया है और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है. 

ग्रामीणों का आरोप- पुलिसकर्मियों ने गिराई प्रतिमा 

ग्रामीणों का दावा है कि गांव में बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा करीब छह महीने से लगी हुई थी. ग्रामीण विनोद कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि मंगलवार सुबह करीब 5 से 6 बजे दो पुलिसकर्मी विजेंद्र कुमार और वीरेंद्र पाल वहां पहुंचे और प्रतिमा को लात मारकर गिरा दिया. ग्रामीणों का आरोप है गिरने के बाद प्रतिमा का हाथ टूट गया. 

ग्रामीण मोहरश्री ने कहा कि 'अगर बाबा साहब का सम्मान नहीं किया जा सकता तो उनका अपमान भी नहीं होना चाहिए.' उनकी मांग है कि प्रतिमा को उसी स्थान पर दोबारा स्थापित किया जाए और जिन पुलिसकर्मियों पर प्रतिमा का अपमान करने का आरोप है, उन्हें गांव में बुलाया जाए. 

ग्रामीण अशोक सागर का भी कहना है कि प्रतिमा काफी समय से वहां लगी थी और मंगलवार सुबह उसे गिरा दिया गया. ग्रामीण प्रशासन से प्रतिमा को दोबारा स्थापित करने की मांग कर रहे हैं. 

हालांकि, पुलिस प्रशासन ने प्रतिमा को जानबूझकर लात मारकर क्षतिग्रस्त करने के आरोप से अलग तस्वीर सामने रखी है. 

डीएम ने क्या कहा?

डीएम अवनीश कुमार राय के मुताबिक, प्रतिमा प्रतिबंधित सरकारी जमीन पर स्थापित की जा रही थी. राजस्व रिकॉर्ड में यह जमीन ग्राम समाज की खलिहान की भूमि बताई जा रही है. सार्वजनिक रिपोर्टों में भी बताया गया है कि संबंधित जमीन पर बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित करने को लेकर प्रशासन ने आपत्ति जताई थी. डीएम अविनाश राय के अनुसार, मौके पर दोनों पक्षों को समझाया गया और इस बात पर सहमति बनी कि प्रशासन एक कमेटी बनाएगा. कमेटी की रिपोर्ट के बाद निर्धारित स्थान पर प्रतिमा स्थापित की जाएगी.

एसएसपी अंकिता शर्मा ने कही ये बात

एसएसपी अंकिता शर्मा के मुताबिक, इसी दौरान गांव के सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक छवि राम ने अपनी जमीन अंबेडकर पार्क के लिए देने की बात कही थी. प्रशासन की अनुमति और नियमों के तहत उनकी जमीन पर प्रतिमा स्थापित करने पर सहमति बनने की बात भी सामने आई. 

पुलिस और प्रशासन की टीम पर हुआ पथराव

जिलाधिकारी अविनाश राय ने बताया कि देर शाम को अंधेरा होते ही अचानक कुछ लोगों ने महिलाओं और बच्चों की आड़ लेकर पुलिस और प्रशासन की टीम पर पथराव शुरू कर दिया. पथराव में पुलिस की गाड़ियों के साथ-साथ एंबुलेंस और पीएसी के ट्रक को भी निशाना बनाया गया. प्रशासन का दावा है कि 10 से ज्यादा वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं. 
डीएम ने बताया कि प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से तहसील परिसर में रखवा दिया गया है, ताकि दोबारा किसी तरह की स्थिति न बने. उन्होंने बताया कि पुलिस के सात जवान और एक ग्रामीण घायल हुए हैं. घटना के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के अनुसार भी शाम तक विवाद ने गंभीर रूप ले लिया था और पुलिस प्रशासन पर पथराव की घटना हुई.  उन्होंने बताया कि प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है. मौके की संवेदनशीलता को देखते हुए सात लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. पुलिस अब पथराव में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर रही है।एसएसपी अंकिता शर्मा ने कहा है कि हिरासत में लिए गए लोगों के अलावा अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.  

2 दावे आए सामने

इस पूरे विवाद में दो अलग-अलग दावे सामने आए हैं:

पहला दावा ग्रामीणों का है, जिसमें दो पुलिसकर्मियों पर बाबा साहब की प्रतिमा को लात मारकर गिराने और हाथ तोड़ने का आरोप लगाया गया है. 

दूसरा पक्ष प्रशासन का है, जिसके अनुसार प्रतिमा सरकारी जमीन पर बिना अनुमति स्थापित की जा रही थी और प्रशासन ने विवाद को बातचीत से सुलझाने के लिए वैकल्पिक जमीन पर प्रतिमा स्थापित करने का रास्ता निकाला था.  बाद में अचानक पुलिस टीम पर पथराव किया गया. 

अब जांच में यह स्पष्ट करना अहम होगा कि प्रतिमा कब और किस परिस्थिति में क्षतिग्रस्त हुई और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए पुलिसकर्मियों पर आरोपों में कितनी सच्चाई है? बवाल के बाद डीएम अवनीश कुमार राय और एसएसपी अंकिता शर्मा खुद मौके पर पहुंचे. अधिकारियों के मुताबिक, स्थिति फिलहाल पूरी तरह नियंत्रण में है और गांव में शांति व्यवस्था कायम है. 

इस पूरे मामले में प्रशासन के सामने एक साथ दो चुनौती हैं. एक तरफ सरकारी जमीन पर बिना अनुमति प्रतिमा स्थापना को रोकना और दूसरी तरफ बाबा साहब की प्रतिमा को लेकर ग्रामीणों की भावनाओं को संवेदनशीलता से संभालना. इसके साथ पुलिस पर पथराव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना भी जरूरी है. 

ये भी पढ़ें: बदायूं में अखिलेश ने दोहराए दीपके के मुंह से निकले वो 7 शब्द, भाजपा के सांसदों को लेकर बता दी नई बात