यूपी में 'बिना रजिस्ट्रेशन' करे 2500000 युवाओं को मिलेंगे Free टेबलेट, कौन-कौन हैं पात्र?

यूपी तक

• 12:32 PM • 26 Aug 2026

यूपी योगी कैबिनेट ने 25 अगस्त 2026 को स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीद को मंजूरी दे दी है. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹2,374.60 करोड़ का बजट मंजूर किया गया है. ग्रेजुएशन, पीजी, डिप्लोमा और कौशल विकास के छात्रों को यह फ्री टैबलेट मिलेंगे. जानिए पात्रता, आय सीमा और Digi Shakti पोर्टल पर e-KYC की पूरी प्रक्रिया.

UP Free Tablet Scheme 2026 Cabinet Approval

UP Free Tablet Scheme 2026 Cabinet Approval

Google CTA

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. 25 अगस्त को हुई यूपी कैबिनेट की बैठक में राज्य के युवाओं के लिए 25 लाख टैबलेट खरीद के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है. यह खरीद 'स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना' के तहत की जाएगी. इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 2374.60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

यह भी पढ़ें...

किन युवाओं को मिलेगा टेबलेट

इस योजना के अंतर्गत ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, डिप्लोमा, तकनीकी, स्वास्थ्य क्षेत्र और कौशल विकास सहित विभिन्न शिक्षण व प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पढ़ रहे युवाओं को ये टैबलेट फ्री बांटे जाएंगे.

क्या है स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना का लक्ष्य?

केंद्र सरकार की 'डिजिटल इंडिया' मुहिम को आगे बढ़ाते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस योजना की शुरुआत की है. इसका मुख्य उद्देश्य हायर एजुकेशन ले रहे छात्र-छात्राओं का डिजिटल सशक्तिकरण करना और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना है. इस योजना के माध्यम से युवाओं का स्किल डेवलोपमेन्ट किया जाएगा, जिससे उन्हें आगे चलकर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने और स्टडी मटेरियल को आसानी से एक्सेस करने में मदद मिलेगी.

योजना के प्रमुख फायदे 

मुफ्त गैजेट्स: यूपी के पात्र छात्र-छात्राओं को बिना किसी शुल्क टैबलेट दिए जाएंगे.

डिजिटल एक्सेस: सरकार की ओर से छात्रों को डिजिटल एक्सेस की सुविधा मिलेगी.

स्किल व करियर में मदद: इन गैजेट्स के माध्यम से छात्र अपने स्किल डेवलपमेंट और पढ़ाई को आसान बना सकेंगे, जिससे उन्हें रोजगार पाने में आसानी होगी.

कौन-कौन हैं पात्र?

  • छात्र या छात्रा का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है.
  • छात्र का यूपी के ही किसी सरकारी या प्राइवेट कॉलेज/विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, टेक्निकल, हेल्थ सेक्टर, स्किल डेवलपमेंट या डिप्लोमा कोर्स में नामांकित होना जरूरी है.
  • आवेदक छात्र-छात्राओं के माता-पिता की वार्षिक आय ₹2 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए.

अप्लाई करने और सत्यापन (e-KYC) की पूरी प्रक्रिया

डिजी शक्ति (Digi Shakti) पोर्टल के अनुसार, इस योजना का लाभ लेने के लिए छात्रों को कहीं भी अलग से फॉर्म भरने या रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं है.

कॉलेज द्वारा डेटा अपलोड: संबंधित कॉलेज और विश्वविद्यालय खुद अपने छात्रों का नामांकन डेटा तैयार कर 'डिजी शक्ति' पोर्टल पर अपलोड करेंगे.

आधार ई-केवाईसी (e-KYC): डेटा अपलोड और वेरीफाई होने के बाद छात्रों को आधिकारिक वेबसाइट के होमपेज पर जाना होगा. वहां दिए गए 'e-KYC through Meri Pehchaan portal' बटन के माध्यम से अपना आधार प्रमाणीकरण (Authentication) पूरा करना होगा.

त्रुटि सुधार व अपडेट: अगर डेटा में कोई गड़बड़ी होती है, तो छात्र अपने कॉलेज के नोडल अधिकारी को सूचित कर सकते हैं. इसके अलावा, योजना से जुड़ी सभी अपडेट्स छात्रों को नियमित रूप से एसएमएस (SMS) के जरिए मिलती रहेंगी.

ये भी पढ़ें: यूपी में खास पोर्टल के माध्यम से छात्रों को फ्री मिलेंगे स्मार्टफोन और टेबलेट, जानें डिटेल