कौन हैं IAS पुलकित गर्ग जो लोगों के लिए बन गए 'सुपर हीरो', चित्रकूट DM का वीडियो चर्चा में!

सुषमा पांडेय

• 12:00 PM • 04 Sep 2026

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की बाढ़ के बीच डीएम पुलकित गर्ग और एसपी अरुण सिंह ग्राउंड जीरो पर डटे हैं. राहत कार्यों और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के उनके प्रयासों की सोशल मीडिया पर जमकर सराहना हो रही है.

IAS Pulkit Garg

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भीगे कपड़े, कीचड़ से सने जूते और चेहरे पर सिर्फ एक ही चिंता 'किसी भी हाल में बाढ़ पीड़ितों की जान बचाना.' चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के विकराल रूप और उफान के बीच कुछ ऐसी ही तस्वीरें जिलाधारी पुलकित गर्ग की सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं. चित्रकूट और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से मूसलाधार बारिश के चलते तबाही का मंजर है. इस संकट की घड़ी में चित्रकूट के डीएम पुलकित गर्ग और एसपी अरुण सिंह बिना आराम किए दिन-रात ग्राउंड जीरो पर डटे हुए हैं.

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कभी नाव पर सवार होकर राहत सामग्री पहुंचाना, कभी कीचड़ भरे रास्तों पर सरपट दौड़ना, तो कभी बाढ़ के खतरे को देखते हुए हाथ जोड़कर मंदिर के पुजारियों और स्थानीय लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील करना. डीएम पुलकित गर्ग के इस अनोखे और जमीनी अंदाज ने उन्हें सोशल मीडिया पर आम लोगों का 'देवदूत' बना दिया है.

हाथ जोड़कर अपील और खुद संभाली कमान

रामघाट स्थित बड़ा मठ मंदिर के पास जब पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 5 मीटर ऊपर पहुंच गया तब एक दिल छू लेने वाली तस्वीर सामने आई. डीएम पुलकित गर्ग और एसपी अरुण सिंह खुद पानी में उतरकर मंदिर के पुजारी और आसपास के लोगों के सामने हाथ जोड़कर उनसे सुरक्षित शेल्टर होम में जाने का अनुरोध करते दिखे. इसके अलावा ग्राउंड जीरो पर मीडिया से बात करते हुए डीएम ने बताया कि एमपी साइड (मध्यप्रदेश) में अत्यधिक बारिश के चलते पानी का स्तर 131 मीटर के करीब पहुंच गया था. प्रशासन ने एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात कर नगर पालिका के रैन बसेरों में पीड़ितों के रहने और खाने-पीने के व्यापक इंतजाम किए हैं.

सोशल मीडिया पर लोगों ने सराहा

डीएम पुलकित गर्ग की लगातार वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स खुलकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं. चित्रकूट के रहने वाले लोगों और नेटिजन्स का कहना है कि इतने बड़े संकट में किसी आईएएस अधिकारी को इस तरह कीचड़ और पानी में उतरकर काम करते पहली बार देखा गया है.

सोशल मीडिया यूजर शिव मंगल गुप्ता ने लिखा 'यह कोई साधारण आदमी नहीं, धर्मनगरी चित्रकूट के कलेक्टर साहब हैं जो कीचड़ युक्त रास्तों पर चलकर बाढ़ पीड़ितों के लिए देवदूत बने हुए हैं.' वहीं तिवारी शिवम नामक यूजर ने लिखा, 'कलेक्टर साहब, आपकी लीडरशिप को सलाम है. आपका यह सराहनीय कार्य हमेशा चित्रकूट वासियों के दिलों में रहेगा.'

आंगनबाड़ी में बेटी का दाखिला कराकर पहले भी बटोर चुके हैं सुर्खियां

यह पहली बार नहीं है जब पुलकित गर्ग अपने काम और सादगी को लेकर चर्चा में हैं. करीब 7-8 महीने पहले जब उन्होंने चित्रकूट में पदभार संभाला था तब उन्होंने अपनी नन्हीं बेटी का दाखिला किसी महंगे प्राइवेट स्कूल के बजाय स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र में कराया था. इस कदम से उन्होंने समाज में फैली भ्रांतियों को तोड़ा और संदेश दिया कि अगर अधिकारी खुद अपने बच्चों को वहां भेजेंगे तो आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था में सुधार अपने आप आएगा.

जानिए कौन हैं IAS पुलकित गर्ग?

पुलकित गर्ग उत्तर प्रदेश कैडर के 2016 बैच के आईएएस (IAS) अधिकारी हैं. उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की है. उन्होंने 2017 में बुलंदशहर से बतौर असिस्टेंट कलेक्टर अपने करियर की शुरुआत की. इसके बाद वे बागपत में जॉइंट मजिस्ट्रेट, सिद्धार्थनगर में सीडीओ और झांसी में नगर आयुक्त  रहे.

चित्रकूट का डीएम बनने से ठीक पहले वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) के उपाध्यक्ष (VC) के पद पर तैनात थे जहां उनके बेहतरीन मैनेजमेंट और शहरी विकास के कार्यों की काफी सराहना हुई थी. फिलहाल चित्रकूट में आई इस भीषण बाढ़ के दौरान उनके द्वारा दिखाए गए साहस, संवेदनशीलता और नेतृत्व क्षमता ने साबित कर दिया है कि एक सच्चा लोकसेवक संकट के समय अपनी जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहता है.

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