दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान गाजियाबाद की प्रदर्शनकारी निशु आजाद के पिता की पिटाई का मामला फिर सुर्खियों में है. आपको बता दें कि ये बवाल हिंदुवादी एक्टिविस्ट स्वतंत्र भारद्वाज नाम के शख्स के वायरल बयान के बाद शुरू हुआ. सोशल मीडया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज ने निशु के पिता संजय कुमार पर हमला करने की बात स्वीकारी है. इतना ही नहीं स्वतंत्र ने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रभाव के कारण उसके खिलाफ कोई बड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं हुई. यह कारण है कि वह आसानी से मामले से बाहर निकल गया.
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स्वतंत्र भारद्वाज ने किया ये बड़ा दावा
स्वतंत्र भारद्वाज ने वीडियो में दावा किया है कि दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान जैसे बड़े नेता उसके भाई हैं. वायरल वीडियो में स्वतंत्र कहते हुए दिख रहा है, "निशु के बाप का हम सर फाड़े. इसमें धारा लगता है हाफ मर्डर. सर में टांका लगा हुआ था. बंदा मरने की स्थिति में एम्बुलेंस में जा रहा था. उसकी बेटी थाने के बाहर खड़े होकर कह रही थी कि अगर इंसाफ नहीं मिला तो हम... स्वतंत्र अगले दिन बाहर. हम तो जेल भी नहीं गए. हम रात भर घूम रहे थे."
स्वतंत्र भारद्वाज के इस वीडियो के बाद निशु ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से सोशल मीडिया पर मदद मांगी. इसके बाद राहुल गांधी ने भी निशु को आश्वासन दिया. राहुल गांधी ने कहा कि वो उसे न्याय दिला कर रहेंगे और अंत तक लड़ाई में उसके साथ हैं.
राहुल गांधी ने X पर कहा, "निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है. मैं तुम्हारे साथ हूं. साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो. अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है. दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है. @narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे? निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है. हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता. जय भीम. जय संविधान."
FIR में क्या कहा गया?
इस मामले में FIR से जुड़ी जानकारी सामने आई है. FIR के मुताबिक, 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान वीडियो बनाने को लेकर विवाद हुआ था. शिकायतकर्ता संजय अपनी 14 साल की बेटी और एक दोस्त के साथ प्रदर्शन में शामिल होने आए थे. शाम करीब 5:30 बजे वह अपने फोन से बेटी और प्रदर्शन का वीडियो बना रहे थे.
FIR के अनुसार, इस दौरान संजय से एक युवक ने पूछा की वह वीडियो क्यों बना रहे हैं? संजय ने जवाब में कहा कि वह उसकी नहीं बल्कि प्रदर्शन की वीडियो बना रहे हैं. इस बीच झगड़ा बढ़ गया. आरोप है कि युवक के 2-3 साथी भी मौके पर पहुंचे और संजय को घेरकर मारपीट शुरू कर दी. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संजय को घूंसों और लोहे के कड़े जैसी किसी ठोस चीज से सिर पर मारा गया. पुलिस के पहुंचने पर दो युवकों को मौके से पकड़ लिया गया, जबकि बाकी आरोपी वहां से भाग गए.
स्वतंत्र ने बातचीत में क्या कहा?
स्वतंत्र के अनुसार, वीडियो बनाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था. वहीं, निशु के पिता संजय कुमार की ओर से दर्ज कराई गई FIR में भी वीडियो बनाने को लेकर हुए विवाद का जिक्र है. दोनों पक्षों के बयानों से साफ है कि झगड़े की शुरुआत वीडियो बनाने को लेकर ही हुई थी.
FIR में किन-किन के नाम?
FIR में पकड़े गए दो आरोपियों के नाम स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार दर्ज हैं. स्वतंत्र भारद्वाज की उम्र 24 साल और सूरज कुमार की उम्र 25 साल बताई गई है. दोनों बिहार के रहने वाले हैं. स्वतंत्र भारद्वाज का पता कांकरबाग, पटना और सूरज कुमार का पता अस्थावां, नालंदा दर्ज है.
मारपीट के बाद संजय को राम मनोहर लोहियाअस्पताल ले जाया गया. यहां उनकी MLC हुई. मेडिकल रिपोर्ट में सिर पर दो कटे हुए घाव दर्ज किए गए. FIR में पुलिस ने शिकायत, परिस्थितियों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज किया है. यानी FIR का मुख्य आरोप यह है कि प्रदर्शन की वीडियो बनाए जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट में बदल गया और शिकायतकर्ता के सिर पर चोट आई.
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