RAC मिल गया? सीट शेयर नहीं करना चाहते तो मिलेगा पूरा रिफंड! कई लोग नहीं जानते रेलवे का ये नियम

यूपी तक

• 02:51 PM • 03 Sep 2026

अगर ट्रेन का टिकट RAC रह गया है और आप यात्रा नहीं करना चाहते हैं तो निर्धारित प्रस्थान से कम से कम 30 मिनट पहले टिकट कैंसिल कराना जरूरी है. रेलवे नियमों के मुताबिक, RAC टिकट कैंसिल करने पर ₹60 प्रति यात्री क्लर्केज चार्ज काटकर किराया वापस किया जाता है. वहीं, ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट होने जैसी कुछ परिस्थितियों में पूरा किराया वापस मिल सकता है.

UP Tak
Google CTA

RAC Ticket Refund: ट्रेन में टिकट बुक कराने के बाद अगर आपका टिकट RAC रह गया है तो आपको यात्रा के दौरान सीट शेयर करनी पड़ सकती है. अगर आप किसी दूसरे यात्री के साथ सीट शेयर करके सफर नहीं करना चाहते हैं तो आपके पास टिकट कैंसिल करने का विकल्प है, लेकिन रिफंड के लिए रेलवे ने कुछ समय-सीमा तय की है.

यह भी पढ़ें...

रिफंड पाने का एक तरीका ट्रेन से कुछ समय पहले टिकट कैंसिल करना है तो एक तरीका टीडीआर है. RAC टिकट कैंसिल करने पर कितना पैसा वापस मिलेगा और चार्ट बनने के बाद TDR फाइल करने से क्या होता है? आइए आसान भाषा में समझते हैं.

RAC टिकट कैंसिल करने पर रिफंड कैसे मिलेगा?

रेलवे के नियम के मुताबिक, RAC टिकट को ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान से 30 मिनट पहले तक कैंसिल कराया जा सकता है. ऐसी स्थिति में किराए का रिफंड मिलता है, लेकिन इसमें ₹60 प्रति यात्री क्लर्केज चार्ज काटा जाता है. चार्ज AC 1, AC 2, AC 3/CC, स्लीपर और सेकेंड क्लास के लिए रेलवे के नियमों में ₹60 बताया गया है.

आसान शब्दों में कहा जाए तो इसको इस तरह समझिए... अगर आपका टिकट RAC है और आप यात्रा नहीं करना चाहते हैं, तो 30 मिनट की समय-सीमा के अंदर टिकट कैंसिल करना जरूरी है.

30 मिनट से कम समय बचा तो क्या होगा?

अगर ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान में 30 मिनट से कम समय बचा है तो RAC टिकट पर किराए का रिफंड नहीं दिया जाएगा. रेलवे के नियम में इसकी साफ जानकारी दी गई है. ऐसे में, RAC टिकट को लेकर यात्रा नहीं करने का फैसला है तो आखिरी समय तक इंतजार करना नुकसानदायक हो सकता है.

चार्ट बनने के बाद क्या करें?

अगर आपका टिकट ई-टिकट है और रिजर्वेशन चार्ट तैयार हो चुका है तो रिफंड लेने के लिए ऑनलाइन टीडीआर दाखिल करना होता है. रेलवे के नियमों में कंफर्म और RAC ई-टिकट के लिए चार्ट तैयार होने के बाद TDR के जरिए रिफंड लेने की व्यवस्था बताई गई है.

TDR क्या होता है?

TDR यानी टिकट डिपॉजिट रिसिप्ट. आसान भाषा में, यह टिकट का किराया वापस लेने के लिए किया जाने वाला रिफंड क्लेम है. जब सामान्य ऑनलाइन कैंसिलेशन की प्रक्रिया लागू नहीं होती तो कुछ परिस्थितियों में यात्री TDR के जरिए रिफंड का दावा कर सकता है.

हालांकि, सिर्फ TDR दाखिल करने से हर मामले में पूरा पैसा वापस मिले, ऐसा नहीं है. रिफंड रेलवे के लागू नियम और परिस्थिति के आधार पर तय होता है.

कब मिल सकता है पूरा रिफंड?

अगर ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट हो और यात्री उस वजह से यात्रा नहीं करता तो रिजर्व्ड, RAC और वैटिंग टिकट पर बिना कैंसिलेशन चार्ज काटे पूरा किराया वापस किया जा सकता है. ई-टिकट के मामले में वास्तविक प्रस्थान से पहले ऑनलाइन टीडीआर दाखिल करना जरूरी है. इसके अलावा अगर रेलवे यात्री को आरक्षित सीट उपलब्ध नहीं करा पाता तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरा किराया वापस किए जाने का नियम है.

दिल्ली-UP और MP को कनेक्ट करने के लिए रेलवे ने चलाई ये ट्रेन, नई टाइमिंग भी जारी