UP Weather: कल यूपी के इन 11 जिलों में होगी तेज बारिश, मौसम विभाग ने जारी की ये चेतावनी

यूपी तक

• 06:14 PM • 02 Sep 2026

UP Weather: उत्तर प्रदेश में 3 सितंबर को मानसून के फिर सक्रिय होने से कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है. बुंदेलखंड, पश्चिमी और मध्य यूपी में आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और जलभराव को लेकर मौसम विभाग ने सावधानी बरतने की सलाह दी है.

UP Weather Update

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UP Weather: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी रंगत में आ गया है. मौसम विभाग के अनुसार 3 सितंबर को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में घनघोर बारिश, बिजली कड़कने और तूफानी हवाओं का दौर देखने को मिलेगा. मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है.
  

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इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश

3 सितंबर को बुंदेलखंड और पश्चिमी/मध्य यूपी से सटे इलाकों में बादलों का सबसे ज्यादा प्रभाव रहेगा. मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, कानपुर देहात, कानपुर नगर, आगरा, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा और झांसी तथा इनके आसपास के क्षेत्रों में अधिक भारी बारिश की आशंका जताई है.

गरज-चमक के साथ बौछारें 

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 3 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगभग सभी स्थानों पर मूसलाधार बारिश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है.

आकाशीय बिजली और वज्रपात की चेतावनी

पश्चिमी और मध्य यूपी के जिलों में बारिश के साथ-साथ बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा. सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, अलीगढ़, मथुरा, बरेली, मुरादाबाद, झांसी और ललितपुर जैसे जिलों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

IMD की सलाह

जलभराव और यातायात: भारी बारिश के कारण निचले इलाकों, सुरंगों और सड़कों पर पानी भर सकता है. इससे सड़क और रेल यातायात में देरी हो सकती है.

आकस्मिक बाढ़: सोनभद्र, मिर्ज़ापुर, चित्रकूट और प्रयागराज जिलों के कुछ नदी/वाटरशेड क्षेत्रों में हल्की से मध्यम आकस्मिक बाढ़ का खतरा है.

क्या करें और क्या न करें

1.बारिश और बिजली कड़कने के दौरान पक्के और सुरक्षित मकानों में ही आश्रय लें.

2.पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और बिजली के उपकरणों से दूरी बनाए रखें.

3.जलमग्न सड़कों, मौसमी नदी-नालों और उफान पर बह रहे पुलों को पार करने की कोशिश न करें.

4.किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने खेतों में जल निकासी की तुरंत व्यवस्था करें ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे.