Prince Yukesh Singh: बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक रहे उमाशंकर सिंह के निधन के बाद अब उनके बेटे प्रिंस यूकेश सिंह राजनीति में कदम रखने जा रहे हैं. हाल ही में बसपा प्रमुख मायावती द्वारा बुलाई गई पदाधिकारियों और प्रभारियों की एक अहम बैठक में प्रिंस यूकेश सिंह अपने पिता की जगह इस बैठक में नजर आए.
ADVERTISEMENT
मायावती खुले तौर पर यह आश्वासन दे चुकी है कि अगर परिवार चाहेगा, तो वह प्रिंस युकेश सिंह को राजनीति में पूरा समर्थन देंगी. पार्टी की बैठक में उनकी मौजूदगी और मायावती के सीधे आशीर्वाद के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रिंस यूकेश सिंह ही रसड़ा से बसपा के उम्मीदवार हो सकते हैं.
मायावती की बैठक में हुए शामिल
बसपा प्रमुख मायावती ने हाल ही में पदाधिकारियों और प्रभारियों की एक अहम बैठक बुलाई थी. इस बैठक में उमाशंकर सिंह की जगह उनके बेटे प्रिंस यूकेश सिंह नजर आए. बसपा में आमतौर पर प्रभारियों को ही आगे चलकर चुनाव में प्रत्याशी बनाया जाता है.
बसपा प्रमुख ने दिया था आश्वासन
उमाशंकर सिंह के निधन के बाद मायावती ने उनके परिवार को पूरा समर्थन देने की बात कही थी. उन्होंने भरोसा दिलाया था कि अगर परिवार चाहेगा, तो वह प्रिंस युकेश सिंह को राजनीति में आगे बढ़ाएंगी और उनके पिता की जगह उन्हें पूरा महत्व देंगी.
पिता के कारोबार के बाद राजनीतिक विरासत
प्रिंस यूकेश सिंह पहले से ही छात्र संघ कंस्ट्रक्शन के सीईओ के रूप में अपने पिता के कारोबार का कामकाज संभाल रहे हैं. अब वह राजनीति में भी सक्रिय हो गए हैं. रक्षाबंधन के मौके पर भी उनके घर पिता के समय जैसी ही चहल-पहल और लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली.
रसड़ा सीट पर बसपा का दबदबा
रसड़ा विधानसभा सीट पर 20 साल से बहुजन समाज पार्टी का ही कब्जा है. 2002 से लेकर 2022 तक बसपा का ही उम्मीदवार इस विधानसभा सीट से चुनाव जीत रहा है. उमाशंकर सिंह साल 2012 से लगातार इस सीट से विधायक चुने जा रहे थे. अब उनकी राजनीतिक विरासत की जिम्मेदारी बेटे युकेश सिंह के कंधों पर है.
यह भी पढ़ें: यूपी में भाजपा के बड़े दलित नेता को सपा में शामिल करा देंगे अखिलेश यादव? कौन हैं ये
ADVERTISEMENT











