राम मंदिर के पहले CEO के नाम का हुआ ऐलान, रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मिली कमान

अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO के नाम का ऐलान हो गया है. रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ट्रस्ट के नए CEO होंगे. सीईओ पद के लिए कुल 5,585 आवेदन आए थे.

Ram Mandir Trust CEO Jitendra Mishra

Ram Mandir Trust CEO Jitendra Mishra (Photo Edit By AI)

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Ram Mandir New CEO Jitendra Mishra: अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO के नाम का ऐलान हो गया है. रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ट्रस्ट के नए CEO होंगे. सीईओ पद के लिए कुल 5,585 आवेदन आए थे. जस्टिस (रिटायर्ड) प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग कमेटी ने 16 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया और 3 नामों का लिफाफा ट्रस्ट के अध्यक्ष को सौंप दिया. इसके बाद रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगी.

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गौरतलब है कि इससे पहले ट्रस्ट में 3 नए सदस्यों को शामिल किया गया. इनमें अयोध्या से मदन मोहन पांडेय, दिल्ली से महेश भागचन्दका और शिकोहाबाद से निर्मला यादव का नाम शामिल है.

गौरतलब है कि राम मंदिर चंदा चोरी मामले में आरोपों के बाद पूर्व महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया था. इस विवाद के बाद ट्रस्ट की छवि और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सीईओ की नियुक्ति प्रक्रिया 6 जुलाई से शुरू की गई थी.

इस पद के लिए क्या योग्यता रखी गई थी?

शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार का कम से कम ग्रेजुएट होना जरूरी था.
अनुभव: किसी बड़े सरकारी विभाग, कंपनी या पब्लिक ऑर्गेनाइजेशन में मैनेजमेंट का कम से कम 20 साल का अनुभव होना अनिवार्य था.
धार्मिक आस्था: आवेदन करने वाला व्यक्ति सनातनी हिंदू होना चाहिए था जो नियमित रूप से पूजा-पाठ करता हो. अगर उम्मीदवार वैष्णव परंपरा से ताल्लुक रखने वाला राम भक्त है तो उसे प्राथमिकता दी गई.
उम्र सीमा: उम्मीदवार की उम्र 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए थी. 
भाषा ज्ञान: उम्मीदवार को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान होना अनिवार्य था.

CEO का क्या काम होगा?

चुने गए सीईओ की पोस्टिंग अयोध्या में होगी और वह सीधे ट्रस्ट के महासचिव को रिपोर्ट करेंगे. उनके जिम्मे मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय पारदर्शिता, भक्तों की सुविधा और सुरक्षा, वीआईपी मेहमानों का स्वागत और सनातन परंपराओं के अनुसार त्योहारों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना होगा.