नेपाल से बहकर यूपी आईं लाशों का क्या हुआ? भेड़िहारी जंगल के पास नदी में तैरते मिले थे शव

यूपी तक

• 12:07 PM • 03 Sep 2026

नेपाल में आई त्रासदी के बाद नारायणी नदी के तेज बहाव में बहकर भारत पहुंचे 9 अज्ञात शव कुशीनगर में मिले थे. पहचान नहीं होने पर इन शवों को गोरखपुर AIIMS की मोर्चरी में डीप फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया था. बुधवार दोपहर तक AIIMS प्रशासन ने सभी 9 शव नेपाल सरकार को सौंप दिए.

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Nepal Flood: नेपाल में आई त्रासदी का असर अब पूर्वांचल तक भी देखने को मिला है. नेपाल से निकलकर भारत पहुंचने वाली नारायणी नदी के तेज बहाव में बहकर आए 9 अज्ञात शव कुशीनगर में मिले थे. इन शवों को सुरक्षित रखने के लिए गोरखपुर AIIMS लाया गया था.

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शवों की पहचान नहीं हो सकी थी, इसलिए उन्हें AIIMS की मोर्चरी में डीप फ्रीजर के अंदर सुरक्षित रखा गया. इस बीच बुधवार दोपहर तक AIIMS प्रशासन ने सभी 9 शव नेपाल सरकार को सौंप दिए.

नारायणी नदी के बहाव में बहकर पहुंचे थे शव

नेपाल में आई त्रासदी के बाद नारायणी नदी के तेज बहाव में कई अज्ञात शव बहकर भारत की सीमा तक पहुंच गए थे. कुशीनगर में भेड़िहारी जंगल के पास नारायणी नदी से मिले इन अज्ञात शवों को गोरखपुर AIIMS लाया गया था.

शवों को AIIMS की मोर्चरी में डीप फ्रीजर में रखा गया, ताकि उनकी पहचान की प्रक्रिया के लिए उन्हें सुरक्षित रखा जा सके. पहचान में मदद मिल सके, इसके लिए शवों के साथ मिले कपड़े और दूसरे सामान को भी सुरक्षित रखा गया था. हालांकि, काफी कोशिश के बावजूद शवों की पहचान नहीं हो सकी.

AIIMS में 24 शवों को सुरक्षित रखने की क्षमता

नारायणी नदी नेपाल और भारत के कई इलाकों से होकर गुजरती है. ऐसे में नेपाल में आई त्रासदी के बाद नदी के बहाव के साथ और शवों के भारत की सीमा तक पहुंचने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

इसी को देखते हुए गोरखपुर AIIMS में अज्ञात शवों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है. AIIMS में फिलहाल 24 शवों को डीप फ्रीजर में सुरक्षित रखने की क्षमता है. जरूरत पड़ने पर यहां बड़ी संख्या में आने वाले अज्ञात शवों को भी सुरक्षित रखा जा सकता है.

AIIMS प्रशासन का कहना है कि शवों की पहचान से जुड़ी हर संभावना को ध्यान में रखते हुए जरूरी इंतजाम किए गए हैं. शवों के साथ मिले सामान को भी इसी वजह से सुरक्षित रखा गया था. हालांकि, अब तक मिले 9 अज्ञात शवों को नेपाल सरकार को सौंप दिया गया है, जिससे आगे की पहचान और संबंधित प्रक्रिया नेपाल सरकार के स्तर पर की जा सके.

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