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यूपी के नेपालगंज रोड तक 4 ट्रेनों का हो गया विस्तार, अश्विनी वैष्णव ने किया बड़ा ऐलान

उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र के यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है. चार मौजूदा ट्रेनों को नेपालगंज रोड तक बढ़ाने की मंजूरी दी गई है. इससे बहराइच, नानपारा और आसपास के यात्रियों को गोंडा, गोरखपुर और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी.

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UP Train Extension: उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों के लिए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है. अब चार मौजूदा ट्रेन सेवाओं को नेपालगंज रोड तक बढ़ाया जाएगा. इससे बहराइच के नेपालगंज रोड और आसपास के यात्रियों को गोंडा, गोरखपुर और वाराणसी जैसे बड़े शहरों के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी.

इससे पहले नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेलखंड मीटर गेज पर था. अब 56.15 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड का ब्रॉड गेज में गेज कन्वर्जन और विद्युतीकरण पूरा हो चुका है. करीब 730 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना के बाद सीमावर्ती क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है.

कौन-कौन सी ट्रेनें नेपालगंज रोड तक जाएंगी?

रेल मंत्रालय ने इन चार ट्रेन सेवाओं को नेपालगंज रोड तक बढ़ाने की मंजूरी दी है- 

  • 14213/14214 वाराणसी–बहराइच एक्सप्रेस
  • 15132/15131 वाराणसी सिटी–गोरखपुर एक्सप्रेस
  • 75109/75110 गोंडा–बहराइच ट्रेन
  • 75111/75112 गोंडा–बहराइच ट्रेन

इन ट्रेनों के नेपालगंज रोड तक विस्तार से यहां के लोगों को गोंडा, गोरखपुर, वाराणसी और दूसरे बड़े शहरों तक पहुंचने में सुविधा होगी. यह इस इलाके के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी.

बहराइच, नानपारा से लेकर नेपाल बॉर्डर तक फायदा

नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेलखंड का निर्माण मूल रूप से 1886 में मीटर गेज के रूप में हुआ था. अब गेज कन्वर्जन और विद्युतीकरण पूरा होने के बाद ब्रॉड गेज रेलवे नेटवर्क का हिस्सा बन गया है.

इससे बहराइच, रिसिया, मटेरा, नानपारा, बाबागंज और नेपालगंज रोड जैसे स्टेशनों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इस रेल नेटवर्क का फायदा नेपाल के सीमावर्ती इलाकों से आने-जाने वाले लोगों को भी मिलेगा. रोजगार, पढ़ाई, इलाज, कारोबार और दूसरे कामों के लिए भारत आने वाले यात्रियों के लिए सफर आसान हो सकता है.

यूपी में रेल नेटवर्क को और मजबूत करने की तैयारी

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि उत्तर प्रदेश, खासकर पूर्वांचल में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए व्यापक योजना पर काम चल रहा है. जहां पहले से डबल लाइन है, वहां कई प्रमुख रेल नेटवर्क में तीसरी और चौथी लाइन जोड़ने की योजना है.

उन्होंने हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी को लेकर भी जानकारी दी. प्रस्तावित नेटवर्क के तहत दिल्ली-आगरा की यात्रा 58 मिनट, दिल्ली-कानपुर 1 घंटे 45 मिनट, दिल्ली-लखनऊ 2 घंटे 12 मिनट और दिल्ली-प्रयागराज करीब 3 घंटे में पूरी होने की बात कही गई. दिल्ली-वाराणसी का सफर करीब साढ़े तीन घंटे और दिल्ली-पटना की 1,170 किलोमीटर की दूरी करीब साढ़े चार घंटे में पूरी करने का लक्ष्य बताया गया.
 

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