UP Divyang Marriage Scheme: उत्तर प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाने के लिए कई तरह की कल्याणकारी योजनाएं चला रही है. इसी कड़ी में राज्य के दिव्यांगजनों के लिए 'दिव्यांग शादी प्रोत्साहन पुरस्कार योजना' की शुरुआत की है. इस योजना का मकसद दिव्यांग दंपतियों को शादी के बाद अपने नए जीवन की शुरुआत करने के लिए आर्थिक मदद देना है.
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अगर आप या आपके जानने वाले में कोई दिव्यांग है और उत्तर प्रदेश का रहने वाला है तो यह खबर उनके बहुत काम की है. सरकार इस योजना के तहत शादी करने वाले दिव्यांग जोड़े को 15,000 रुपये से लेकर 35,000 रुपये तक की नकद वित्तीय सहायता दे रही है. लेकिन इस सरकारी मदद को पाने के लिए कुछ जरूरी नियम और शर्तें तय की गई हैं.
किसे और कितनी मिलेगी मदद?
इस योजना के तहत मिलने वाली राशि इस बात पर निर्भर करती है कि जोड़े में से कौन दिव्यांग है-
- यदि केवल लड़का (वर) दिव्यांग है: सरकार की तरफ से 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है.
- यदि केवल लड़की (वधू) दिव्यांग है: सरकार की तरफ से 20,000 रुपये की आर्थिक मदद मिलती है.
- यदि लड़का और लड़की दोनों ही दिव्यांग हैं: इस स्थिति में दंपती को कुल 35,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है.
आवेदन के लिए जरूरी पात्रता
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ आसान लेकिन जरूरी नियम तय किए हैं-
- आवेदन करने वाला जोड़ा उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए या कम से कम पिछले 5 वर्षों से यूपी में रह रहा हो.
- दूल्हा या दुल्हन (या दोनों) के पास न्यूनतम 40% दिव्यांगता का प्रामाणिक सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है.
- शादी के वक्त लड़की की उम्र 18 से 45 वर्ष के बीच और लड़के की उम्र 21 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए.
- जोड़े में से कोई भी व्यक्ति इनकम टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए.
- जोड़े में से किसी भी सदस्य के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज या सजा न हुई हो.
- इस योजना का लाभ तभी मिलेगा जब शादी का कानूनी रूप से मैरिज रजिस्ट्रेशन हो चुका हो.
कौन से दस्तावेज हैं जरूरी?
आवेदन करने से पहले इन कागजातों को अपने पास तैयार रख लें-
- आयु प्रमाण पत्र (उम्र का सबूत)
- निवास प्रमाण पत्र (पते का सबूत)
- दिव्यांगता का प्रतिशत दर्शाने वाला सर्टिफिकेट (न्यूनतम 40%)
- शादी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (मैरिज सर्टिफिकेट)
- दूल्हा-दुल्हन की पासपोर्ट साइज फोटो
आवेदन करने का आसान तरीका
इस योजना के लिए आपको ऑनलाइन आवेदन करना होगा. प्रक्रिया बेहद आसान है-
- सबसे पहले उत्तर प्रदेश सरकार के संबंधित आधिकारिक पोर्टल (दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग) पर विजिट करें.
- होमपेज पर जाकर 'रजिस्ट्रेशन' वाले विकल्प पर क्लिक करें और अपनी बेसिक डिटेल्स दर्ज करें.
- अब आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारियां ध्यान से भरें, जैसे:दिव्यांगता का प्रकार और उसका प्रतिशतदंपती का नाम और उनका वर्तमान पतामैरिज रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नंबर
- मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें और फॉर्म को फाइनल 'सबमिट' कर दें.
ध्यान रखें कि ऑनलाइन फॉर्म सबमिट करने के बाद, उसकी एक प्रिंटेड हार्ड कॉपी को सभी दस्तावेजों के साथ शादी के 15 दिनों के भीतर अपने जिले के 'जिला दिव्यांग जन सशक्तिकरण अधिकारी' कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है.
यूपी सरकार की यह पहल वाकई सराहनीय है. यह दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी. यदि आपके आसपास ऐसा कोई योग्य जोड़ा है तो उन तक यह जानकारी जरूर पहुंचाएं ताकि वे समय रहते इस सरकारी योजना का लाभ उठा सकें.
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