कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं. इस बार पुलिस की खास नजर उन DJ ऑपरेटरों पर है, जिनके साउंड सिस्टम और ऊंचे DJ वाहन हर साल कांवड़ यात्रा का हिस्सा बनते हैं. मुजफ्फरनगर पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि तय नियमों के तहत ही DJ बजाएं. नियमों का उल्लंघन करने पर साउंड सिस्टम और वाहन दोनों जब्त किए जा सकते हैं.
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348 DJ ऑपरेटरों की हुई पहचान
मुजफ्फरनगर के एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि पुलिस ने गाजियाबाद, दिल्ली, सोनीपत, फरीदाबाद, करनाल, मेरठ, मुजफ्फरनगर और नोएडा के कुल 348 DJ ऑपरेटरों की पहचान की है. इन सभी को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
नोटिस में क्या कहा गया है?
पुलिस की ओर से भेजे जा रहे नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान ध्वनि की निर्धारित सीमा और DJ वाहनों की तय ऊंचाई का पालन करना अनिवार्य होगा. अगर कोई ऑपरेटर तय मानकों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. जरूरत पड़ने पर DJ का साउंड सिस्टम और वाहन भी जब्त किए जा सकते हैं.
हादसों से बचने के लिए उठाया गया कदम
कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल अपने-अपने शहरों और गांवों की ओर लौटते हैं. इस दौरान कई कांवड़ियों के साथ DJ वाहन भी चलते हैं. प्रशासन का कहना है कि जरूरत से ज्यादा ऊंचे वाहन, तेज आवाज और नियमों की अनदेखी से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. इसी वजह से यात्रा शुरू होने से पहले ही DJ ऑपरेटरों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं.
30 जुलाई से शुरू होगी कांवड़ यात्रा
इस वर्ष कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलेगी. इस दौरान लाखों शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न शिव मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे. पुलिस का कहना है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है. इसलिए यात्रा से जुड़े सभी लोगों को जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा.
कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षा का अभेद्य किला
यूपी के डीजीपी राजीव कृष्णा ने अधिकारियों को कांवड़ मार्गों, शिविरों और घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं. इस बार चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए पुलिस ने हाई-टेक इंतजाम किए हैं-
- ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे: संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी के लिए टीथर्ड ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जाएगी.
- डीजे पर कड़ा पहरा: कांवड़ यात्रा के दौरान बजने वाले डीजे की ऊंचाई और उसकी आवाज की लिमिट को लेकर सरकार और कोर्ट के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा.
- सोशल मीडिया पर नजर: अफवाह फैलाने वालों और भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
'यक्ष' ऐप से होगी ट्रैकिंग
पुलिस अब तकनीक के सहारे अपराधियों पर नकेल कसने जा रही है. डीजीपी ने बताया कि 'यक्ष' ऐप की आत्मा बीट इंफॉर्मेशन में बसती है. इसलिए सभी जिलों की पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस ऐप पर सक्रिय अपराधियों का डेटा अपडेट करें और उनका शत-प्रतिशत वेरिफिकेशन करें. जो अपराधी वेरिफिकेशन के दौरान गायब मिलेंगे, उन्हें ढूंढने के लिए एक हफ्ते का विशेष सर्च अभियान भी चलाया जाएगा.
पेंडिंग मामलों के लिए नया डैशबोर्ड
गंभीर मामलों (जैसे हत्या, लूट, डकैती) की फाइलों पर अब धूल नहीं जमेगी. डीजीपी ने इसके लिए 'केस डायरी मॉनिटरिंग डैशबोर्ड' लॉन्च करने का ऐलान किया है. यह सिस्टम 60 और 90 दिनों से लंबित जांचों पर नजर रखेगा और डेडलाइन से 15 दिन पहले ही जांच अधिकारियों को अलर्ट भेज देगा ताकि समय पर न्याय मिल सके.
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