Sonam Wangchuk Health Update: दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक के अनशन का आज 19 दिन हो चुके हैं. लगातार जारी हंगर स्ट्राइक के कारण उनका स्वास्थ्य तेजी से गिर रहा है और उनका लगभग 9 किलो वजन कम हो चुका है. हालांकि गिरते वजन और कमजोर होती मांसपेशियों के बावजूद उनके हौसले अब भी बेहद बुलंद हैं. जंतर-मंतर पर उनकी सेहत की 24 घंटे निगरानी कर रही डॉक्टरों की टीम ने उनका हेल्थ अपडेट जारी किया है. यूपी Tak के संवाददाता गौरव कुमार पांडे ने मौके पर मौजूद डॉक्टर से सीधे बातचीत कर सोनम वांगचुक की कंडीशन को जानने की कोशिश की.
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डॉक्टर का एक्सक्लूसिव मेडिकल अपडेट
जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का लगातार रेगुलर चेकअप और फॉलो-अप कर रहे डॉक्टर महेश गिरी ने उनकी सेहत को लेकर जानकारी दी. डॉक्टर ने बताया कि 'अभी के मानकों के अनुसार उनकी कंडीशन ठीक है. वह पूरी तरह से सेफ और स्टेबल हैं. अगर मैं उनके वाइटल्स पैरामीटर्स की बात करूं तो इस समय उनका ब्लड प्रेशर 110/70 है, पल्स रेट 71 के करीब है और ऑक्सीजन लेवल 96% से 97% के बीच चल रहा है. हमने एक ईसीजी भी कंडक्ट किया है जो पूरी तरह से नॉर्मल है और उसमें कोई एसटी चेंजेस नहीं हैं. कुल मिलाकर उनकी मेडिकल हेल्थ अभी स्थिर है.'
वजन घटने और कमजोरी पर डॉक्टर की राय
सोनम वांगचुक के चलने-फिरने में आ रही दिक्कतों और तेजी से घटते वजन पर बात करते हुए डॉक्टर महेश ने कहा कि हंगर स्ट्राइक के दौरान वेट रिडक्शन (वजन कम होना) बेहद सामान्य बात है. इसे एक पूरी तरह से ठीक सिचुएशन तो नहीं कहा जा सकता. लेकिन इस स्थिति में भी उनके बाकी पैरामीटर्स का स्टेबल रहना एक अच्छी बात है.
डॉक्टर ने कहा 'अगर हम एक दिन भी खाना नहीं खाते हैं तो अगले दिन कमजोरी महसूस होने लगती है. सर तो यहां इतने दिनों से हंगर स्ट्राइक पर बैठे हैं. ऐसे में वीकनेस होना लाजमी है. जब तक शरीर को कैलोरी नहीं मिलेगी तब तक मसल्स को स्ट्रेंथ कहां से मिलेगी? इसीलिए उनके शरीर की मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं. लेकिन मानसिक रूप से वह पूरी तरह स्वस्थ, सचेत और फुल ऑफ स्पिरिट हैं.'
मैं दो-चार दिन में मरने वाला नहीं हूं- सोनम वांगचुक
अनशन के 18वें दिन सोनम वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी किया. उन्होंने उन शुभचिंतकों और बुजुर्ग नेताओं को जवाब दिया जो उनसे अनशन तोड़ने की अपील कर रहे हैं या जबरदस्ती खाना खिलाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा रहे हैं. वांगचुक ने कहा 'पहली बात तो यह कि अगर मैं अभी खाना खा भी लूं तो उससे क्या बदलेगा? सरकार को तो यही संदेश जाएगा कि जनता के प्रति जवाबदेही की कोई जरूरत नहीं है. दूसरी बात, मेरी हालत ऐसी भी नहीं है कि मैं दो-चार दिन में मर जाऊं. बहुत सारे मेडिकल टेस्ट हो रहे हैं और 18 दिन के अनशन के हिसाब से रिजल्ट काफी नॉर्मल हैं. ईसीजी भी बुरा नहीं आया है. इसलिए मैं अभी कई दिन और चल सकता हूं. मेरा दिल और कोर पूरी तरह ठीक काम कर रहे हैं.'
20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान
सोनम वांगचुक ने देश की जनता से सिर्फ अनशन तोड़ने की बात कहने के बजाय आंदोलन में साथ देने की अपील की है. उन्होंने 20 जुलाई को भारी संख्या में लोगों और सांसदों को जंतर-मंतर पर जुटने का न्योता दिया है ताकि इस मुद्दे को सीधे संसद के हवाले किया जा सके.
उन्होंने देश के सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से एक अनोखी अपील करते हुए कहा कि 20 जुलाई के दिन को नई शिक्षा नीति (NEP) के अंतर्गत एक्सपीरियंशियल एजुकेशन के तौर पर मनाएं. इस दिन बच्चे जंतर-मंतर आकर पॉलिटिकल साइंस का एक ऐसा अनोखा प्रैक्टिकल लेसन सीखें जो इतिहास का हिस्सा होगा, ताकि वे खुद देख सकें कि जनता की ओर से लोकतंत्र कैसे चलाया जाता है. इसके लिए उन्होंने एक विशेष नंबर पर मिस कॉल देने और वेबसाइट पर नाम रजिस्टर करने की भी बात कही है.
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