UP RERA के इस नए आदेश के बाद वापस मिलेगा आपका एक-एक पैसा, घर खरीदारों की टेंशन हो गई दूर!

यूपी तक

16 Jul 2026 (अपडेटेड: 16 Jul 2026, 12:32 PM)

UP RERA: उत्तर प्रदेश रेरा ने घर खरीदारों को बड़ी राहत देते हुए साफ किया है कि यदि किसी बिल्डर ने निर्धारित दर से अधिक जीएसटी वसूला है, तो पात्र खरीदार तय प्रक्रिया के तहत उसका रिफंड प्राप्त कर सकते हैं.

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UP Rera News: उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने घर खरीदारों के लिए एक अच्छी खबर दी है. अगर किसी बिल्डर ने ग्राहक से तय दर से ज्यादा जीएसटी वसूल लिया है तो अब उसे वापस पाने का रास्ता साफ कर दिया गया है. साथ ही, यूपी रेरा ने सभी बिल्डरों को सख्त निर्देश दिया है कि वे तय जीएसटी दर से ज्यादा पैसा ना लें.

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रिफंड को लेकर कन्फ्यूजन खत्म

यूपी रेरा में रजिस्टर्ड हर प्रोजेक्ट में जीएसटी बस उतनी ही वसूली जा सकती है जितनी केंद्र सरकार ने तय की है. ये दरें 8 जनवरी 2025 को एक पत्र (नंबर 212/यूपी रेरा/2024-25) के जरिए पहले ही सभी बिल्डर्स और एजेंट्स को बता दी गई थीं और ये जानकारी अथॉरिटी की वेबसाइट पर भी मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद कुछ मामलों में देखा गया कि ग्राहकों से तय रकम से ज्यादा जीएसटी वसूल ली गई.

घर खरीदार रिफंड कैसे पाएं?

ऐसे परेशान ग्राहकों की मदद के लिए यूपी रेरा ने राज्य टैक्स डिपार्टमेंट से बात करके प्रोसेस को साफ किया है. मान लीजिए किसी ने फ्लैट खरीदते समय जीएसटी चुका दी, लेकिन बाद में प्रोजेक्ट कैंसिल हो गया, कॉन्ट्रैक्ट टूट गया या आवंटन रद्द हो गया और बिल्डर के पास अब क्रेडिट नोट देने का कानूनी समय भी खत्म हो चुका है, तो ऐसे में ग्राहक सीधे जीएसटी विभाग से रिफंड मांग सकता है.

इसके लिए क्या करना होगा?

  1. सबसे पहले अपने पैन कार्ड से जीएसटी पोर्टल पर एक अस्थायी रजिस्ट्रेशन कराएं.
  2. फिर "Refund for Unregistered Person" कैटेगरी में FORM GST RFD-01 भरें.
  3. साथ में टैक्स भरने का सबूत, जरूरी कागजात और बिल्डर से मिला सर्टिफिकेट लगाएं.

सारे दस्तावेज चेक होने के बाद अधिकारी रिफंड मंजूर कर देंगे.

कितने समय में मिलेगी कितनी रकम?

अगर कॉन्ट्रैक्ट टूटने के समय बिल्डर के पास क्रेडिट नोट देने का समय अभी बचा है तो बिल्डर खुद ग्राहक को GST समेत पूरा पैसा लौटाएगा. ग्राहक को खुद तभी आवेदन करना होगा जब ये समय-सीमा निकल चुकी हो. रिफंड का दावा कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल/टूटने की तारीख से 2 साल के अंदर करना होगा. अगर GST की रकम ₹1,000 से कम है, तो रिफंड नहीं मिलेगा.

बिल्डरों के लिए सख्त निर्देश

यूपी रेरा ने सभी बिल्डरों से कहा है कि वो तय जीएसटी दर का पूरी तरह पालन करें और किसी भी सूरत में ज्यादा पैसा न वसूलें. जहां भी ज्यादा जीएसटी ली गई है, वहां नियमों के मुताबिक एक्शन लेकर पैसा वापस दिलवाया जाएगा. पूरी जानकारी और सर्कुलर यूपी रेरा की वेबसाइट www.up-rera.in पर मौजूद है. अथॉरिटी का कहना है कि रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और ग्राहकों के हितों की रक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

आदित्य राणा के इनपुट्स के साथ