लखनऊ-सीतापुर हाईवे होगा 6-लेन, इन जिलों को मिलेगी सहूलियत; अब 2 घंटे का सफर सिर्फ 50 मिनट में पूरा

आयशा शेख़

• 12:23 PM • 15 Jul 2026

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लखनऊ-सीतापुर हाईवे को छह लेन में विकसित करने की घोषणा की है.

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Lucknow-Sitapur Highway: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लखनऊ-सीतापुर हाईवे को सिक्स-लेन बनाने का ऐलान कर दिया है. इस प्रोजेक्ट पर सरकार करीब 1,200 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है.

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अभी तक लखनऊ से सीतापुर की दूरी तय करने में लोगों के पसीने छूट जाते थे और लगभग दो घंटे का लंबा वक्त जाया होता था, लेकिन इस नए प्रोजेक्ट के पूरा होते ही यह दूरी महज 50 मिनट में सिमट जाएगी. 

गडकरी ने 22 मिनट में नापा कानपुर-लखनऊ का सफर

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस घोषणा के दौरान एक्सप्रेसवे और हाईवे की बदलती तस्वीर का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को किस स्तर पर सुधारा जा रहा है. 

गडकरी ने शेयर किया कि उन्होंने खुद कानपुर से लखनऊ के बीच का सफर बेहद कम समय में पूरा किया. उनके मुताबिक, उन्होंने यह दूरी सिर्फ 22 मिनट में तय की, जो यह दिखाता है कि आने वाले दिनों में यूपी की सड़कों पर रफ्तार का क्या मंजर होने वाला है.

किन-किन जिलों की चमकेगी किस्मत?

लखनऊ-सीतापुर हाईवे के सिक्स-लेन होने से न सिर्फ इन दो शहरों के लोगों को फायदा होगा, बल्कि आसपास के एक बड़े इलाके की तस्वीर बदल जाएगी. 

  • लखनऊ और सीतापुर: इन दोनों जिलों के बीच रोजाना अप-डाउन करने वाले नौकरीपेशा, छात्रों और व्यापारियों का समय और ईंधन दोनों बचेगा.
  • लखीमपुर खीरी: सीतापुर रूट का इस्तेमाल लखीमपुर खीरी जाने के लिए भी प्रमुखता से होता है. ऐसे में दुधवा नेशनल पार्क जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सीधा फायदा मिलेगा.
  • शाहजहांपुर और बरेली: लखनऊ से शाहजहांपुर और बरेली की तरफ जाने वाले वाहनों को भी सीतापुर के पास लगने वाले ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी.
  • हरदोई: हरदोई के वो इलाके जो सीतापुर बॉर्डर से सटे हैं, उनके लिए भी राजधानी लखनऊ पहुंचना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा.

रफ्तार के साथ बढ़ेगा व्यापार

1,200 करोड़ रुपये के इस भारी-भरकम बजट से बनने वाला सिक्स-लेन हाईवे सिर्फ गाड़ियों की रफ्तार ही नहीं बढ़ाएगा, बल्कि इलाके के आर्थिक विकास को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. जब सफर का वक्त आधे से भी कम रह जाएगा, तो माल ढुलाई (लॉजिस्टिक्स) आसान होगी, जिससे कारोबार को सीधा फायदा पहुंचेगा.