Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट में इन दिनों एक नई हलचल देखने को मिल रही है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने भी आवेदन कर दिया है. उनके इस अचानक उठाए कदम ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है.
ADVERTISEMENT
दरअसल, मंदिर परिसर में सामने आए चढ़ावा चोरी विवाद के बाद ट्रस्ट के पूरे प्रशासनिक ढांचे को बदलने की तैयारी चल रही है. महासचिव चंपत राय समेत कई जिम्मेदार अधिकारियों के इस्तीफों के बाद अब नए और मजबूत हाथों में कमान सौंपने की कवायद तेज हो चुकी है. इसी कड़ी में ट्रस्ट ने नए CEO की नियुक्ति के लिए देशभर से योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं.
कौन है अमिताभ ठाकुर?
अमिताभ ठाकुर उत्तर प्रदेश कैडर के 1992 बैच के एक पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं. वह प्रशासनिक सेवाओं में अपनी बेबाक, मुखर छवि और कई बड़े विवादों के कारण पूरे देश में चर्चा में रहे हैं.
मूल रूप से बिहार (मुजफ्फरपुर) के रहने वाले अमिताभ ठाकुर की शिक्षा काफी उच्च स्तर की रही है. उन्होंने देश के IIT कानपुर से बी.टेक की डिग्री ली और इसके बाद IIM लखनऊ से भी पढ़ाई की. 1992 में वह IPS अधिकारी बने और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बतौर कप्तान (SP/SSP) तैनात रहे.
'जबरिया रिटायरमेंट' और विवाद
अमिताभ ठाकुर का नाता विवादों से बहुत गहरा रहा है. वह अपनी ही सरकार और बड़े-बड़े राजनेताओं के खिलाफ सीधे मोर्चा खोलने के लिए जाने जाते थे.
- मुलायम सिंह यादव से विवाद: साल 2015 में उन्होंने समाजवादी पार्टी के तत्कालीन संरक्षक मुलायम सिंह यादव पर फोन पर धमकी देने का आरोप लगाया था और उसका ऑडियो सार्वजनिक कर दिया था, जिसके बाद काफी सियासी बवाल हुआ था.
- अनिवार्य सेवानिवृत्ति (VRS): मार्च 2021 में केंद्रीय गृह मंत्रालय की स्क्रीनिंग के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें सरकारी सेवा के लिए "अनुपयुक्त" पाते हुए समय से पहले ही अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी थी. इसके बाद वह खुद को मजाकिया लहजे में 'जबरिया रिटायर' IPS भी कहते हैं.
राजनीतिक जीवन
पुलिस सेवा से हटने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति और सामाजिक जीवन में कदम रखा. उन्होंने 'आजाद अधिकार सेना' नाम से एक राजनीतिक दल का गठन किया है और वर्तमान में इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर भी एक जानी-मानी सामाजिक और आरटीआई (RTI) कार्यकर्ता हैं.
पारदर्शिता के लिए बनाई गई कमेटी
चढ़ावा चोरी के आरोपों से ट्रस्ट की साख पर जो सवाल उठे थे, उन्हें दूर करने के लिए इस बार पूरी चयन प्रक्रिया को कांच की तरह साफ रखने की कोशिश की जा रही है. इसके लिए एक तीन सदस्यीय स्पेशल सर्च कमेटी बनाई गई है. इस कमेटी में ये बड़े नाम शामिल हैं-
ADVERTISEMENT











