Kanwar Yatra: उत्तर प्रदेश में जल्द ही आस्था का महापर्व कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रही है. इसे लेकर सूबे की पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है. राजधानी लखनऊ में राज्य के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने सभी जोन के एडीजी, पुलिस कमिश्नरों और जिला पुलिस कप्तानों के साथ एक अहम बैठक की है.
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इस बैठक में डीजीपी ने साफ और कड़े शब्दों में हिदायत दी है कि इस बार कांवड़ यात्रा और आने वाले त्योहारों के दौरान 'जीरो इंसिडेंट और जीरो एक्सीडेंट' का फॉर्मूला लागू करना होगा. यानी सुरक्षा में न तो कोई चूक होनी चाहिए और न ही सड़कों पर कोई भी हादसा होना चाहिए.
कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षा का अभेद्य किला
डीजीपी राजीव कृष्णा ने अधिकारियों को कांवड़ मार्गों, शिविरों और घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं. इस बार चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए पुलिस ने हाई-टेक इंतजाम किए हैं-
- ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे: संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी के लिए टीथर्ड ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जाएगी.
- डीजे पर कड़ा पहरा: कांवड़ यात्रा के दौरान बजने वाले डीजे की ऊंचाई और उसकी आवाज की लिमिट को लेकर सरकार और कोर्ट के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा.
- सोशल मीडिया पर नजर: अफवाह फैलाने वालों और भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
'यक्ष' ऐप से होगी ट्रैकिंग
पुलिस अब तकनीक के सहारे अपराधियों पर नकेल कसने जा रही है. डीजीपी ने बताया कि 'यक्ष' ऐप की आत्मा बीट इंफॉर्मेशन में बसती है. इसलिए सभी जिलों की पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस ऐप पर सक्रिय अपराधियों का डेटा अपडेट करें और उनका शत-प्रतिशत वेरिफिकेशन करें. जो अपराधी वेरिफिकेशन के दौरान गायब मिलेंगे, उन्हें ढूंढने के लिए एक हफ्ते का विशेष सर्च अभियान भी चलाया जाएगा.
पेंडिंग मामलों के लिए नया डैशबोर्ड
गंभीर मामलों (जैसे हत्या, लूट, डकैती) की फाइलों पर अब धूल नहीं जमेगी. डीजीपी ने इसके लिए 'केस डायरी मॉनिटरिंग डैशबोर्ड' लॉन्च करने का ऐलान किया है. यह सिस्टम 60 और 90 दिनों से लंबित जांचों पर नजर रखेगा और डेडलाइन से 15 दिन पहले ही जांच अधिकारियों को अलर्ट भेज देगा ताकि समय पर न्याय मिल सके.
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