कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गलती से मत ले जाना ये वाहन, कटेगा तगड़ा चालान! NHAI ने जारी की नई गाइडलाइन

आयशा शेख़

15 Jul 2026 (अपडेटेड: 15 Jul 2026, 09:13 PM)

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE-6) पर यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए NHAI ने नई गाइडलाइन जारी की है. एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी, जबकि पात्र निजी गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए FASTag वार्षिक पास मान्य होगा.

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Kanpur-Lucknow Expressway: अगर आप भी कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE-6) पर फर्राटा भरने की सोच रहे हैं तो रुकिए...  भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI ने इस एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक जरूरी गाइडलाइन जारी की है. 

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अगर आप नियमों को जाने बिना इस हाई-स्पीड ट्रैक पर उतरे, तो न केवल आपका चालान कटेगा, बल्कि कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है.

इस नए और आधुनिक एक्सप्रेसवे को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने कुछ सख्त कदम उठाए हैं. एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ की तरफ से जारी आदेश के अनुसार, इस पूरे रूट पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने और हादसों को रोकने के लिए कुछ वाहनों की एंट्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है.

इन वाहनों के लिए रास्ते बंद

अगर आप बाइक, स्कूटर या ऑटो से लखनऊ-कानपुर का सफर तय करने की सोच रहे हैं, तो अब आपको पुराना रास्ता ही चुनना होगा. NHAI ने साफ कर दिया है कि कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE-6) पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.

यह एक हाई-स्पीड एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है, जहां तेज रफ्तार गाड़ियों के बीच दोपहिया और तिपहिया वाहनों के कारण हादसों का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

FASTag एनुअल पास वालों के लिए खुशखबरी

सख्त नियमों के बीच रोज सफर करने वाले स्थानीय लोगों के लिए एक राहत भरी खबर भी है. एक्सप्रेसवे पर FASTag वार्षिक पास पूरी तरह से मान्य होगा.

एनएचएआई के अनुसार, 

"यह वार्षिक पास सुविधा पात्र निजी गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए टोल भुगतान को बेहद आसान और निर्बाध बनाएगी. इससे टोल प्लाजा पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और डिजिटल टोल प्रणाली के जरिए समय की बड़ी बचत होगी."

हाईवे पर सुरक्षा सबसे पहले आनी चाहिए. देखा गया है कि हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे पर धीमी रफ्तार वाले दोपहिया या तिपहिया वाहन बड़े हादसों का सबब बनते हैं. एनएचएआई का यह फैसला सख्त जरूर है, लेकिन सफर करने वाले हर इंसान की जिंदगी सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी है.