UP Govt Scheme: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के उन परिवारों के लिए शानदार योजना शुरू की है, जो दिन-रात मेहनत करके गगनचुंबी इमारतें और सड़कें बनाते हैं. इस योजना का नाम 'मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना' है. इस योजना के जरिए यूपी सरकार निर्माण कार्यों में लगे पंजीकृत मजदूरों (लेबर कार्ड धारकों) के घरों में किलकारियां गूंजने पर सीधे बैंक खाते में मोटी आर्थिक मदद भेज रही है.
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इस योजना में सिर्फ गर्भवती महिलाओं को पोषण के लिए ही पैसा नहीं मिलता, बल्कि घर में बेटी के जन्म लेने पर सरकार सीधे 50,000 रुपये तक की एफडी भी करवा रही है. अगर आप भी यूपी के रहने वाले हैं और मजदूरी कार्ड धारक हैं तो सरकार की इस स्कीम का फायदा कैसे और कितना मिलेगा, आइए जानते हैं...
किसे मिलेंगे कितने पैसे?
इस योजना को सरकार ने दो मुख्य भागों में बांटा है- पहला मां की सेहत के लिए और दूसरा बच्चे के जन्म पर मिलने वाला लाभ.
1. मातृत्व हितलाभ
- पुरुष मजदूरों के लिए: अगर कोई पुरुष श्रमिक पंजीकृत है तो उसकी पत्नी के प्रसव के समय सरकार ₹6,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता देगी.
- महिला श्रमिकों के लिए (अस्पताल में डिलीवरी पर): महिला मजदूर को 3 महीने के न्यूनतम वेतन के बराबर की राशि के साथ ₹1,000 का मेडिकल बोनस अलग से मिलेगा.
- गर्भपात होने पर: अगर किसी विपरीत परिस्थिति में गर्भपात होता है, तो महिला श्रमिक को 6 सप्ताह के न्यूनतम वेतन के बराबर की आर्थिक मदद दी जाएगी.
- नसबंदी कराने पर: महिला श्रमिक को 2 सप्ताह के न्यूनतम वेतन के बराबर की सहायता मिलेगी.
2. शिशु हितलाभ (Child Benefits)
बेटे के जन्म पर: सरकार सीधे ₹20,000 की एकमुश्त सहायता देती है.
- बेटी के जन्म पर: बेटी के जन्म को बढ़ावा देने के लिए सरकार ₹25,000 की एकमुश्त राशि देती है.
- बेटी के नाम पर एफडी: पहली या दूसरी बेटी (या कानूनी रूप से गोद ली गई बेटी) के जन्म पर सरकार ₹25,000 की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भी कराती है, जो लड़की के 18 वर्ष की होने और अविवाहित रहने पर मैच्योर होगी.
- दिव्यांग बेटी होने पर: यदि पैदा होने वाली बेटी दिव्यांग है तो सरकार उसके नाम पर सीधे ₹50,000 की एफडी करवाती है.
कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ?
सरकार ने इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की हैं, जिन्हें पूरा करना अनिवार्य है. लाभार्थी महिला का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना जरूरी है. महिला या उसका पति उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिक होना चाहिए.
- लाभार्थी महिला की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए.
- मातृत्व लाभ का फायदा केवल पहले दो प्रसवों तक ही सीमित रहेगा.
- फिक्स्ड डिपॉजिट का लाभ पहली बेटी को मिलेगा. दूसरी बेटी को यह लाभ तभी मिलेगा जब पहली संतान भी बेटी ही हो. इसके अलावा, बेटी का जन्म प्रमाण पत्र होना और 18 वर्ष तक उसकी शादी न होना जरूरी है.
- यदि परिवार इस तरह की किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ पहले से ले रहा है तो वह इस योजना के योग्य नहीं होगा.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
- पंजीकृत निर्माण श्रमिक के पहचान पत्र (लेबर कार्ड) की सत्यापित फोटोकॉपी.
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (चाहे लड़का हो या लड़की).
- अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी किया गया प्रसव प्रमाण पत्र (संस्थागत डिलीवरी के मामले में).
- गर्भपात या नसबंदी के मामले में डॉक्टर द्वारा जारी सर्टिफिकेट.
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा जारी किया गया बच्चे के पंजीकरण का प्रमाण पत्र.
- बच्चे के जीवित होने का प्रमाण पत्र (दूसरे वर्ष का लाभ लेने के लिए).
- यदि बच्ची को गोद लिया गया है तो उसके कानूनी दस्तावेज.
ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?
आप अपनी सुविधा के अनुसार इस योजना के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से अप्लाई कर सकते हैं.
ऑफलाइन आवेदन का तरीका
1. अपने नजदीकी श्रम कार्यालय , संबंधित तहसील के तहसीलदार या अपने विकास खंडके खंड विकास अधिकारी (BDO) के कार्यालय में जाएं.
2. वहां से 'मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना' का आवेदन फॉर्म लें.
3. फॉर्म को साफ-साफ भरें और ऊपर बताए गए सभी जरूरी दस्तावेजों को साथ में लगाएं.
4. भरे हुए फॉर्म को उसी कार्यालय में जमा कर दें.
ऑनलाइन आवेदन का तरीका
1. योजना के आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाएं.
2. रजिस्ट्रेशन के लिए अपना आधार नंबर दर्ज करें, अपना सर्कल, जिला और मोबाइल नंबर चुनकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें.
3. आवेदन फॉर्म भरने के लिए पोर्टल पर 'योजना आवेदन' वाले सेक्शन में जाएं.
4. अपना सर्कल, योजना का नाम ('मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना'), अपना पंजीकृत आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें.
5. "Open Application Form" पर क्लिक करें.
6. फॉर्म में मांगी गई श्रमिक की जानकारी, बच्चे की जानकारी और अपने बैंक खाते का विवरण ध्यानपूर्वक भरें ताकि पैसा सीधे आपके खाते में आए.
7. मांगे गए सभी दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें और सबमिट बटन दबा दें.
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