PARIVARTAN Scheme: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वाले पुराने ट्रकों और बसों को सड़कों से हटाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने एक प्लान तैयार कर लिया है. केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने इसके लिए 'परिवर्तन योजना' की ऑपरेशनल गाइडलाइंस को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इन गाइडलाइंस को हरी झंडी दिखाई है, जिससे अब इस योजना को जमीन पर उतारने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.
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कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद अब इस 9,585 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट वाले प्रोजेक्ट को रफ्तार दी जा रही है. इसमें से 5,041 करोड़ रुपये सीधे केंद्र सरकार खर्च करेगी. इस योजना का सीधा असर यूपी पर भी पड़ेगा क्योंकि यूपी के 8 जिले एनसीआर का पार्ट हैं.
यूपी के इन 8 जिलों को मिलेगी 'पॉल्यूशन' से राहत
यह योजना पूरे दिल्ली-एनसीआर के लिए है, जिसका मतलब है कि उत्तर प्रदेश के 8 प्रमुख जिले- गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), मेरठ, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और शामली सीधे तौर पर इससे जुड़ेंगे.
इन इलाकों में चलने वाले पुराने और धुआं उगलने वाले कमर्शियल वाहनों को अब बदला जाएगा. योजना को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) के जरिए लागू करने जा रहा है.
यूपी में टैक्स और फीस पूरी तरह माफ
यूपी के ट्रांसपोर्टर्स के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के साथ मिलकर नए वाहनों के लिए 10 साल के मोटर वाहन टैक्स में छूट और रजिस्ट्रेशन फीस माफी को नोटिफाई कर दिया है. यानी अगर आप पुराना ट्रक या बस बदलकर नई गाड़ी लेते हैं तो अगले 10 साल तक टैक्स का बड़ा सिरदर्द खत्म.
गाड़ी बदलने पर ऑफर्स की भरमार
सरकार और ऑटो कंपनियां मिलकर इस स्कीम के तहत कई बड़े फायदे दे रही हैं-
- गाड़ी खरीदने के लिए बैंक लोन पर 5% की ब्याज छूट मिलेगी.
- देश की 11 बड़ी ऑटो कंपनियों ने सरकार से हाथ मिलाया है. ये कंपनियां नई गाड़ियों पर कम से कम 8% का सीधा डिस्काउंट देंगी.
- डीजल-CNG गाड़ियों के लिए हर महीने फ्यूल वाउचर मिलेंगे, जबकि इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने पर एकमुश्त आर्थिक मदद दी जाएगी.
"करोड़ों लोगों को मिलेगी बड़ी राहत"
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इस कदम को दिल्ली-एनसीआर के लिए ऐतिहासिक बताया है. उन्होंने कहा,
"NCRPB के चेयरमैन के रूप में मुझे पूरा भरोसा है कि यह योजना पुराने ट्रकों और बसों से होने वाले प्रदूषण को काफी हद तक कम करेगी. इससे इलाके के एयर क्वालिटी इंडेक्स में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा, जो दिल्ली-एनसीआर के करोड़ों निवासियों के लिए एक असली राहत लेकर आएगा."
यह पूरी व्यवस्था पूरी तरह से डिजिटल होगी और इसे VAHAN, V-Scrap, और PFMS जैसे सरकारी पोर्टल्स से जोड़ा जाएगा ताकि किसी भी स्तर पर कोई भ्रष्टाचार न हो और गाड़ी मालिकों को बिना चक्कर काटे सीधे लाभ मिल सके.
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