यूपी के इस शहर में गोमती-कुकरैल-शारदा नदी में दौड़ेगी वॉटर टैक्सी, 4000 करोड़ रुपये की लागत से दो फेज में होगा काम

यूपी तक

• 07:17 PM • 17 Jul 2026

Lucknow Water Transportation Project: उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन के तहत लखनऊ में 4,000 करोड़ रुपये की लागत से 'वाटर ट्रांसपोर्टेशन प्रोजेक्ट' का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इस योजना के तहत गोमती नदी और नहरों के जाल को एक नए पब्लिक ट्रांसपोर्ट रूप में विकसित किया जाएगा.

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Lucknow Water Transportation Project: लखनऊ के लोगों को जल्द ही आवागमन के लिए एक नया और अनोखा साधन मिलने वाला है. उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन के तहत लखनऊ में 4,000 करोड़ रुपये की लागत से 'वाटर ट्रांसपोर्टेशन प्रोजेक्ट' (जल परिवहन परियोजना) का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इस योजना के तहत गोमती नदी और नहरों के जाल को एक नए पब्लिक ट्रांसपोर्ट (सार्वजनिक परिवहन) के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे सड़कों पर लगने वाले जाम की भी समस्या खत्म हो जाएगी. लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह प्रोजेक्ट अभी प्लानिंग के चरण में है. राज्य सरकार से मंजूरी मिलते ही इसका काम शुरू कर दिया जाएगा.

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ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह प्रोजेक्ट यूपी-एससीआर 2051 की योजना का हिस्सा है. इस बड़े प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम को कम करना है और लोगों के आवागमन के लिए एक सस्ता विकल्प देना है. इससे शहर में प्रदूषण कम होगा और पर्यटन को भी काफी बढ़ावा मिलेगा. साथ ही पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए लोगों को आने-जाने का एक बिल्कुल नया साधन मिल सकेगा.

चार चरणों में होगा काम

इस बड़े प्रोजेक्ट के तहत यातायात रास्तों को कुल चार चरणों में पूरा किया जाएगा, जिस पर करीब 1,170 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. पहले चरण में राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास इनर रिंग रोड से एक प्राइवेट स्कूल बैराज तक 13.8 किलोमीटर लंबा 'गोमती नदी नेविगेशन चैनल' बनाया जाएगा, जिसको बनाने के लिए अनुमानित 380 करोड़ रुपये खर्च होंगे. 

तो वहीं दूसरे चरण में कल्याणपुर पूर्व से गोमती नदी के संगम तक 6.8 किलोमीटर लंबा 'कुकरैल नदी नेविगेशन चैनल' बनाया जाएगा, जिसकी लागत लगभग 190 करोड़ रुपये तक आएगी. तीसरे चरण में 390 करोड़ रुपये की लागत से सरोसा भरोसा से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी होते हुए गोमती नदी तक 13.41 किलोमीटर का 'हैदर कैनाल' वाटर टैक्सी प्रोजेक्ट तैयार होगा.

चौथे चरण में सरोसा भरोसा से पीजीआई तक संजय गांधी आउटर रिंग रोड के रास्ते 20 किलोमीटर लंबा 'शारदा कैनाल' वाटर टैक्सी प्रोजेक्ट बनेगा, जिसकी लागत 210 करोड़ रुपये होगी.

गंगा और शारदा से आएगा पानी

यातायात के इन चार रास्तों को सुचारु रूप से चलाने के लिए इसके दूसरे चरण में 1,800 करोड़ रुपये की लागत से 300 एकड़ में एक वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट बनाया जाएगा.इसके तहत गंगा और शारदा नदियों का पानी पाइपलाइन बिछाकर गोमती नदी में लाया जाएगा. इससे नदी में एक प्राकृतिक जलाशय बनेगा और सालभर पानी रहेगा, जिससे नावें और टैक्सियां सुचारु रूप से चलती रहेंगी.

हर साल होगी करोड़ों की कमाई

इस नए वाटर ट्रांसपोर्ट सिस्टम से हर साल करीब 210 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कमाई का अनुमान है. इसमें कृषि माल ढुलाई से 40-50 करोड़, यात्री ट्रांसपोर्ट से 70-80 करोड़, कमर्शियल गतिविधियों से 40-50 करोड़ और पर्यटन से 50-60 करोड़ रुपये की कमाई का अनुमान लगाया गया है. इसके अलावा दुकानों के किराये और अन्य सुविधाओं से भी 20-30 करोड़ की कमाई का अनुमान है.

प्रोजेक्ट की खासियत 

यह पूरा प्रोजेक्ट पीपीपी (PPP) मॉडल पर तैयार किया जाएगा. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए सरकार को अलग से कोई भी जमीन खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इस परियोजना का काम उत्तर प्रदेश इनलैंड वॉटरवेज अथॉरिटी (UPIWA) और एलडीए मिलकर पूरा करेंगे, जबकि पानी की सप्लाई का काम सिंचाई विभाग संभालेगा.