यूपी के 56 गांवों से ली जाएगी जमीन, गंगा एक्सप्रेसवे से नोएडा एयरपोर्ट को कनेक्ट करेगा 74 KM लंबा नया एक्सप्रेसवे

यूपी तक

• 04:13 PM • 17 Jul 2026

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 74.3 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. करीब 4,000 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के लिए 57% जमीन का अधिग्रहण पूरा हो चुका है.

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UP New Expressway: जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने के लिए एक लिंक एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट पर काम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है. करीब 4 हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाला यह 74.3 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे न सिर्फ दो बड़े रास्तों को मिलाएगा, बल्कि पूरे इलाके के विकास की सूरत बदल देगा.

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यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) और यूपीडा की जुगलबंदी से तैयार हो रहे इस प्रोजेक्ट का सीधा फायदा यात्रियों के साथ-साथ उद्योगों को भी मिलेगा. इस नए रूट के बनने से जेवर एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के बीच एक ऐसा सीधा नेटवर्क तैयार हो जाएगा, जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक नामुमकिन लगती थी.

रफ्तार पकड़ रहा है जमीन का काम

इस प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए यीडा (YEIDA) पूरी ताकत से जुटा हुआ है. कागजी कार्रवाई के बाद अब जमीन अधिग्रहण का काम धरातल पर दिखने लगा है.

  • उत्तर प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन खरीदने के वास्ते 1204 करोड़ रुपये का बड़ा बजट मंजूर कर दिया है.
  • यीडा के मुताबिक, जरूरी जमीन में से करीब 422 एकड़ (लगभग 57 प्रतिशत) भूमि का अधिग्रहण पूरा भी किया जा चुका है.
  • अधिकारियों का दावा है कि बची हुई जमीन को भी अगले एक महीने के भीतर अधिग्रहित कर लिया जाएगा, जिसके बाद जमीन निर्माण के लिए यूपीडा (UPEIDA) को सौंप दी जाएगी.

बुलंदशहर के सियाना से फिल्म सिटी तक का रूट

लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के सियाना से शुरू होगा. यहां से गंगा एक्सप्रेसवे को कनेक्ट करते हुए यह आगे बढ़ेगा और यमुना एक्सप्रेसवे के 24.8 किलोमीटर पॉइंट पर आकर खत्म होगा. यह वही पॉइंट है जहां सेक्टर-21 में उत्तर प्रदेश की फिल्म सिटी का निर्माण होना है.

यूपी के 56 गांवों से होकर गुजरेगा नया एक्सप्रेसवे

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे प्रोजेक्ट के दायरे में कुल 56 गांवों की जमीन आ रही है. इनमें गौतमबुद्ध नगर के 8 गांव और बुलंदशहर जिले के 48 गांव शामिल हैं. बुलंदशहर की खुर्जा, सियाना और सिकंदराबाद तहसील के गांवों से यह रास्ता निकलेगा. अकेले यीडा क्षेत्र के 16 गांवों से ही करीब 740 एकड़ जमीन खरीदी जा रही है.

9KM एलिवेटेड रोड और सर्विस लेन

सफर को बिना किसी रुकावट के पूरा करने के लिए इस एक्सप्रेसवे की डिजाइन पर विशेष ध्यान दिया गया है.

  • पूरे रूट का लगभग 20 किलोमीटर का हिस्सा यीडा (YEIDA) के अधिकार क्षेत्र में आएगा.
  • इस 20 किलोमीटर के पैच में से करीब 9 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड एक्सप्रेसवे होगा.
  • स्थानीय ग्रामीणों को कनेक्टिविटी की दिक्कत न हो, इसके लिए एक्सप्रेसवे के साथ-साथ सर्विस रोड भी बनाई जाएगी, ताकि लोकल ट्रैफिक बिना किसी परेशानी के आ-जा सके.

उद्योगों को पंख और जेवर एयरपोर्ट की बल्ले-बल्ले

इस एक्सप्रेसवे के बनने का सबसे बड़ा फायदा दिल्ली-एनसीआर के लॉजिस्टिक्स और उद्योगों को होने वाला है. यमुना सिटी के औद्योगिक सेक्टर-28, 29, 32 और 33 सीधे इस एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएंगे. इसका मतलब है कि फैक्ट्रियों का माल सीधे एयरपोर्ट या देश के दूसरे कोनों तक बिना ट्रैफिक में फंसे पहुंच सकेगा. भविष्य में इसे NH-34 से जोड़ने का भी प्लान है, जिसपर अभी आखिरी मुहर लगनी बाकी है.