CM सुवेंदु के PA को मारने वाला चौथा आरोपी पकड़ा गया, कौन है मुजफ्फरनगर से अरेस्ट हुआ बदमाश राजकुमार सिंह?

Suvendu Adhikari PA Murder Case: पश्चिम बंगाल CM सुवेंदु अधिकारी के PA की हत्या के मामले में CBI ने चौथे आरोपी राजकुमार सिंह को यूपी के मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया. आरोपी का कनेक्शन बलिया जेल से जुड़ा है.

Photo: Raj Kumar Singh

आशीष श्रीवास्तव

• 09:53 AM • 19 May 2026

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Suvendu Adhikari PA Murder Case: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पीए (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. सीबीआई ने इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के चौथे आरोपी राजकुमार सिंह को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से गिरफ्तार किया है. इस मामले में कथित भाजपा नेता राज सिंह सहित तीन आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं.

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बलिया का रहने वाला है आरोपी, क्रेन हेल्पर का करता था काम

सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी राजकुमार सिंह का संबंध उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रत्तोपुर गांव से है. राजकुमार सिंह के कामकाजी इतिहास की बात करें तो उसने पूर्व में मुंबई में क्रेन हेल्पर के रूप में काम किया था. हालांकि, वह 8 महीने पहले ही मुंबई का काम छोड़कर वापस अपने घर आ गया था. हाल के दिनों में वह विदेश जाकर काम करने की तैयारी में जुटा हुआ था.

बलिया जेल में हुई थी मुख्य आरोपी राज सिंह से मुलाकात

इस हत्याकांड में राजकुमार सिंह का नाम सामने आने के पीछे एक पुराना आपराधिक इतिहास है. आरोपी राजकुमार के खिलाफ साल 2022 में उसके अपने गांव में मारपीट का एक मामला दर्ज हुआ था, जिसमें उस पर एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) के तहत केस दर्ज किया गया था. इसी मामले के चलते वह पूर्व में बलिया जेल में बंद रहा था. जेल में रहने के दौरान ही उसकी मुलाकात राज सिंह से हुई थी, जिसे इस पूरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी बताया गया है.

राम मंदिर निर्माण में इलेक्ट्रिशियन रहे हैं पिता, गिरफ्तारी से परिवार सदमे में

आरोपी राजकुमार सिंह के पिता का नाम त्रिभुवन नारायण सिंह है. वे पेशे से इलेक्ट्रिशियन हैं और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य में भी इलेक्ट्रिकल काम कर चुके हैं. पिता ने बताया कि राजकुमार स्वभाव से बेहद कम बोलने वाला था. वह अपने पिता से डरता था, जिसके कारण वह उनसे अपने निजी कामों या गतिविधियों की ज्यादा जानकारी साझा नहीं करता था. वह पिता के मुकाबले अपनी मां से ज्यादा बातचीत किया करता था.

पिता के मुताबिक, राजकुमार घर से तीन दिन पहले निकला था, लेकिन उसने यह बिल्कुल नहीं बताया था कि वह कहां जा रहा है. गांव के लोगों के अनुसार, राजकुमार ने स्नातक प्रथम वर्ष तक पढ़ाई की थी, लेकिन वह अपनी आगे की शिक्षा पूरी नहीं कर सका और लंबे समय से किसी स्थायी रोजगार में नहीं था. राजकुमार की अचानक हुई इस गिरफ्तारी से उसका पूरा परिवार फिलहाल स्तब्ध है. मामले की पूरी जानकारी मिलने का इंतजार कर रहा है.

सीबीआई ने तेज की अपनी जांच

मुजफ्फरनगर से चौथी गिरफ्तारी करने के बाद अब सीबीआई इस बिंदु पर गहनता से जांच कर रही है कि राजकुमार सिंह का इस कथित हत्याकांड से क्या सीधा संबंध था, वह किन-किन लोगों के संपर्क में था और बलिया से मुजफ्फरनगर तक उसकी गतिविधियां कैसे और क्यों पहुंचीं.