ट्विशा शर्मा मौत मामले में समाजवादी पार्टी की एंट्री, परिवार के समर्थन में कोर्ट पहुंचे सपा नेता मनोज यादव

Twisha Sharma Case: मॉडल और पूर्व अभिनेत्री ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब समाजवादी पार्टी की एंट्री से राजनीतिक सरगर्मियां बेहद तेज हो गई हैं.

Twisha Sharma (File Photo)

यूपी तक

• 02:38 PM • 18 May 2026

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Twisha Sharma Case: मॉडल और पूर्व अभिनेत्री ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब समाजवादी पार्टी की एंट्री से राजनीतिक सरगर्मियां बेहद तेज हो गई हैं. राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव कार्यकर्ताओं की भारी मौजूदगी के साथ पीड़ित परिवार को अपना समर्थन देने सीधे अदालत पहुंचे. अखिलेश यादव ने खुद इस संवेदनशील घटना का संज्ञान लिया और पीड़ित परिवार को फोन कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. कोर्ट पहुंचे सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे इस लड़ाई में पूरी तरह परिवार के साथ खड़े हैं और उन्होंने प्रशासन से पीड़ित पक्ष को हर संभव मदद मुहैया कराने की मांग की है.

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कोर्ट में सास ने किया बड़ा दावा

इसी बीच मामले में नया कानूनी मोड़ भी आया, जब आरोपी सास गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की. सास ने अपनी अर्जी में दावा किया कि 9 दिसंबर 2025 को शादी के बाद से ही ट्विशा परिवार के साथ ठीक से घुल-मिल नहीं पा रही थीं और उन्हें ड्रग्स लेने की आदत थी. उनके मुताबिक, इसी वजह से उनके हाथ कांपते थे और उनका स्वभाव चिड़चिड़ा रहता था. सास ने यह भी कहा कि 17 अप्रैल 2026 को गर्भवती होने की जानकारी मिलने के बाद ट्विशा ने कहा था कि अब वह "घरेलू महिला का नाटक" नहीं कर पाएंगी और नोएडा जाने की जिद करने लगी थीं. इसके बाद वह दिल्ली चली गईं और बाद में 12 मई 2026 को उन्होंने आत्मघाती जैसा कदम उठा लिया.

परिवार ने आरोपों को बताया गलत

दूसरी तरफ ट्विशा के माता-पिता ने सास द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है. परिवार का कहना है कि बेटी की मौत के बाद उसकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है. कैमरे के सामने ट्विशा की मां भावुक हो गईं और रोते हुए कहा कि उनकी बेटी बहुत अच्छी और हिम्मत वाली थी. उन्होंने न्याय की मांग करते हुए कहा, "हमें न्याय दिला दीजिए, यहां कुछ भी नहीं होने वाला." बेटी की मौत के सदमे के कारण उनकी तबीयत भी लगातार खराब बताई जा रही है.

परिवार ने समर्थ पर लगाए आरोप

परिवार ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि ट्विशा नहीं, बल्कि समर्थ सिंह खुद नशा करता था और इसी वजह से उसका पहले सस्पेंशन भी हुआ था. परिवार ने जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि मामले में लीपापोती की जा रही है. उनका कहना है कि वे पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सहमत नहीं हैं और फांसी में इस्तेमाल की गई चीज भी कोर्ट में पेश नहीं की गई. परिवार ने समर्थ सिंह की गिरफ्तारी और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है.