Kanwar Yatra: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2026) की शुरुआत के साथ ही प्रशासन ने व्यवस्थाएं सख्त कर दी हैं. यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली मीट और चिकन की सभी दुकानों और रेस्टोरेंट्स को 12 अगस्त तक पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया गया है.
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दूसरी ओर, शराब की दुकानों को बंद तो नहीं किया गया है, लेकिन उन्हें पर्दों से ढक दिया गया है ताकि राह गुजरते कांवड़ियों को कोई परेशानी न हो. इस व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और सुविधा के खास इंतजाम किए गए हैं...
क्या है पूरा मामला?
सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले कांवड़ियों की चहल-पहल मुजफ्फरनगर में बढ़ गई है. शहर के मशहूर शिव चौक स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालुओं का 'परिक्रमा' करना भी शुरू हो चुका है.
इसी माहौल में शांति और धार्मिक आस्था बनी रहे, इसके लिए जिला प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं. कांवड़ रूट पर स्थित सभी मीट-मटन बेचने और परोसने वाले रेस्टोरेंट्स 12 अगस्त तक बंद रहेंगे.
असिस्टेंट कमिश्नर अर्चना धीरन ने साफ किया है कि अगर किसी ने इस आदेश का उल्लंघन किया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जिला आबकारी अधिकारी रवि शंकर के मुताबिक, रूट पर पड़ने वाली शराब की दुकानों को बंद करने के बजाय पर्दों से ढका गया है, जबकि बाकी दुकानें सामान्य रूप से चलती रहेंगी.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और ट्रैफिक में बदलाव
सावन की यह पवित्र यात्रा 11 अगस्त को समाप्त होगी. इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
कांवड़ मार्गों पर भारी पुलिस बल के साथ-साथ एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) की टीमों को भी तैनात किया गया है. श्रद्धालुओं को रास्ते में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए चरणबद्ध तरीके से ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है और पूरे इलाके पर पैनी नजर रखी जा रही है.
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