उत्तराखंड के पहाड़ों से लेकर मैदानों तक हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर आफत खड़ी कर दी है. धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है, जहां उफनती गंगा अब खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच चुकी है.
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कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है, ऐसे में लाखों शिवभक्त जल लेने के लिए हरिद्वार जाएंगे. प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और नदी किनारे बनी फ्लड पोस्ट्स को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
चेतावनी के निशान से सिर्फ 45 सेमी दूर गंगा
गुरुवार को हुई तेज बारिश के बाद स्थिति काफी संवेदनशील हो गई है. यूपी सिंचाई विभाग (हेडवर्क्स) के एसडीएम भारत भूषण ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि दोपहर तक हरिद्वार में गंगा का जलस्तर 292.55 मीटर दर्ज किया गया.
यहां चेतावनी का स्तर 293 मीटर है यानी गंगा नदी अब चेतावनी के निशान से महज 45 सेंटीमीटर नीचे बह रही है. अगर खतरे के निशान की बात करें तो वह 294 मीटर पर है. फिलहाल नदी में 1,44,000 क्यूसेक पानी का तेज बहाव बना हुआ है. अधिकारियों का साफ कहना है कि अगर बारिश का दौर नहीं थमा, तो जलस्तर तेजी से बढ़ेगा और बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस सकता है.
नदियां बनीं हरिद्वार की सड़कें
सिर्फ गंगा का जलस्तर ही नहीं, बल्कि सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे हरिद्वार शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. शहर के बड़े-बड़े शोरूम, कॉरपोरेट दफ्तर और मुख्य बाजार पानी-पानी हो चुके हैं.
सबसे ज्यादा खराब हालात शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल रानीपुर मोड़ के हैं. यहां बारिश के पानी ने ऐसा तांडव मचाया है कि पूरी सड़क किसी उफनती नदी जैसी नजर आ रही है. गाड़ियां पानी में तैरती दिख रही हैं और आम जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है. इसके अलावा कनखल, ज्वालापुर, भीमगोडा, नई बस्ती इन सभी इलाकों की कॉलोनियों और गलियों में जलभराव के चलते लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं.
प्रशासन की पैनी नजर, यूपी तक सतर्कता
गंगा में जिस तरह पानी का दबाव बढ़ रहा है, उससे केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के तटीय इलाकों पर भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग और हरिद्वार जिला प्रशासन संयुक्त रूप से स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं.
फिलहाल, नदी के किनारे बनाए गए सभी बाढ़ नियंत्रण केंद्रों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और लोगों से नदी के करीब न जाने की अपील की जा रही है.
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