यूपी Tak के सहयोगी चैनल न्यूज Tak के विशेष कार्यक्रम 'मंच' पर इस हफ्ते जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान चर्चा में आए मोहम्मद इरफान मेहमान बनकर पहुंचे. बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी जीवन यात्रा, संघर्ष और अपने राजनीतिक विचारों को खुलकर शेयर किए. इसी दौरान उनसे CJP आंदोलन के दौरान चर्चा में रहे मोहम्मद जुनैद को लेकर सवाल पूछा गया. फंडिंग के आरोपों और पुलिस कार्रवाई के दावों पर इरफान ने कहा कि उनकी नजर में मोहम्मद जुनैद एक 'साफ-सुथरे इंसान' हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को पूरी तसल्ली करने के बाद ही कोई कार्रवाई करनी चाहिए और किसी एजेंडे के तहत उन्हें फंसाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए.
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'मैं लगातार जुनैद का दिया खाना खाता था, लेकिन पैसों के लेन-देन से दूर रहा'
'मंच' पर बातचीत के दौरान मोहम्मद इरफान से पूछा गया कि CJP आंदोलन के बाद मोहम्मद जुनैद काफी चर्चा में रहे. उन पर फंडिंग को लेकर सवाल उठे और उन्होंने पुलिस कार्रवाई के भी कई दावे किए. इस पर इरफान ने कहा कि उनकी मुलाकात जुनैद से हुई थी और वह लगातार उनका दिया हुआ खाना खाते थे.
हालांकि उन्होंने कहा कि इस दौरान उनकी जुनैद से किसी तरह की आर्थिक व्यवस्था या फंडिंग को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई. उन्होंने कहा कि वह एक प्रदर्शनकारी के तौर पर अपनी बात रखने जाते थे और खाना खाना अलग बात थी. पैसों के लेन-देन से वह हमेशा दूर रहे हैं.
'मेरी मदद भी हजारों लोग करना चाहते हैं, लेकिन मैंने कभी पैसे नहीं लिए'
मोहम्मद इरफान ने कहा कि देश और दुनिया से हजारों लोग उनकी आर्थिक मदद करना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने कभी इस तरह की मदद नहीं ली. उन्होंने कहा कि अगर वह लोगों से पैसे लेने लगेंगे तो उसका हिसाब नहीं दे पाएंगे. इसी वजह से उनका कोई अकाउंट भी नहीं है. उन्होंने कहा कि इसी कारण सरकार या पुलिस भी उनके पास इस नजरिए से नहीं पहुंची.
'मोहम्मद जुनैद साफ-सुथरे इंसान हैं'
जब उनसे मोहम्मद जुनैद के व्यक्तित्व के बारे में पूछा गया तो इरफान ने कहा कि उनकी नजर में जुनैद एक साफ-सुथरे इंसान हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि जुनैद पहले भी कई आंदोलनों में शामिल रहे हैं, लेकिन जितना उन्होंने उन्हें देखा, उसके आधार पर वह उन्हें साफ-सुथरा व्यक्ति मानते हैं.
'पैसों का लेन-देन कई बार विवाद खड़ा कर देता है'
इरफान ने कहा कि पैसों का लेन-देन हमेशा विवाद की वजह बन जाता है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि छोटी-सी बस्ती में मंदिर या मस्जिद की कमेटियों में भी पैसों को लेकर विवाद हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि अगर जुनैद ने लोगों को खाना खिलाया है और उसके लिए लोगों से मदद ली है तो कई बार ऐसी चीजें विवाद खड़ा कर देती हैं.
'एजेंडे के तहत फंसाने की कोशिश न हो'
मोहम्मद इरफान ने कहा कि सरकार को अपनी तरफ से पूरी तसल्ली करनी चाहिए और अगर सब कुछ ठीक मिले तो जुनैद को छोड़ देना चाहिए. उन्होंने कहा कि किसी एजेंडे के तहत उन्हें फंसाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए.
कौन हैं मोहम्मद इरफान?
मोहम्मद इरफान दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के दौरान संविधान की प्रस्तावना का सहज और संगीतमय अंदाज में पाठ करने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा में आए.
35 वर्षीय मोहम्मद इरफान दिल्ली की सावदा जेजे कॉलोनी के रहने वाले हैं. वह पेशे से फेरीवाले और दिहाड़ी मजदूर हैं. वह कभी स्कूल नहीं गए और औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं की.
इरफान ने बताया कि उन्होंने स्मार्टफोन पर गूगल वॉइस सर्च और यूट्यूब की मदद से संविधान, लोकतंत्र और मजदूरों के अधिकारों के बारे में जानकारी हासिल की. जंतर-मंतर के एक प्रदर्शन के दौरान उनका इंटरव्यू वायरल हुआ, जिसके बाद उनकी सादगी और संविधान की समझ की काफी चर्चा हुई.
यहां देखें इरफान से बातचीत का पूरा वीडियो
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