UP Kanwar Yatra 2026: उत्तर प्रदेश में सावन के पावन महीने के साथ ही प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा की शुरुआत होने जा रही है. कांवड़ यात्रियों की भारी भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेरठ जोन, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद प्रशासन ने रूट डायवर्जन और ट्रैफिक पाबंदियों का प्लान लागू कर दिया है.
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प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. जगह-जगह सीसीटीवी से निगरानी, मेडिकल कैंप, एनडीआरएफ की टीमें और शराब-मीट की दुकानों को बंद कराने जैसे फैसले लिए गए हैं.
भारी गाड़ियां आज रात से बंद
मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार के मुताबिक, भारी वाहनों के प्रवेश पर 30 जुलाई से ही रोक लगा दी गई है. वहीं 4 अगस्त से दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे (NH-58) और गंगा नहर पटरी रोड पर सभी प्रकार के गाड़ियों के चलने पर पूरी तरह बैन रहेगा.
अब अगर आपको दिल्ली से हरिद्वार या सहारनपुर जाना है तो रास्ता थोड़ा लंबा तय करना पड़ेगा. ट्रैफिक को देवबंद, पचेंडा, मीरापुर और मवाना के रास्ते निकाला जाएगा. जाहिर है, रास्ता लंबा होने से समय भी अधिक लगेगा और बसों-टैक्सियों का किराया भी बढ़ सकता है.
गाजियाबाद का भी बदल गया ट्रैफिक प्लान
गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने 29 जुलाई से 12 अगस्त तक चरणबद्ध तरीके से डायवर्जन प्लान तैयार किया है.
- दिल्ली की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की तरफ मोड़ा जा रहा है.
- कार, टेम्पो और निजी गाड़ियों पर पाबंदी 5 अगस्त की सुबह से लागू होगी.
- सीमापुरी बॉर्डर और तुलसी निकेतन से बसों की गाजियाबाद शहर में एंट्री 5 अगस्त से बंद रहेगी.
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी 7 अगस्त से आम गाड़ियों की आवाजाही बंद रहेगी, सिर्फ 'डाक कांवड़ियों' को छूट मिलेगी.
गाजियाबाद के जिलाधिकारी (DM) रवींद्र कुमार ने बताया,
"यात्रा की तैयारियों को पूरा कर लिया गया है. पूरे जिले को 11 जोन, 24 सेक्टर और 108 सब-सेक्टर में बांटा गया है. 24 से ज्यादा मेडिकल कैंप, 65 एंबुलेंस और अस्पतालों में 250 से अधिक बेड रिजर्व रखे गए हैं."
चप्पे-चप्पे पर पुलिस
मेरठ जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) भानु भास्कर ने जानकारी दी कि पूरे जोन में सुरक्षा के लिए 25 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. साथ ही लगभग 7,000 एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है.
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को सख्त चेतावनी दी गई है. इसके अलावा, रास्ते में पड़ने वाले बिजली के लगभग 90,000 खंभों और ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित ढका गया है ताकि बारिश या भीड़ के दौरान कोई हादसा न हो.
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