दिल्ली-यूपी को उत्तराखंड से कनेक्ट करने वाला ये रास्ता आज रात हो जाएगा बंद, 12 अगस्त तक डायवर्जन लागू

आयशा शेख़

28 Jul 2026 (अपडेटेड: 28 Jul 2026, 06:44 PM)

सावन कांवड़ यात्रा 2026 को लेकर मेरठ जोन में ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा रूट डायवर्जन प्लान लागू किया है. 4 अगस्त की आधी रात से 12 अगस्त तक दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर भारी और कई अन्य वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी.

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उत्तर प्रदेश में सावन के महीने के साथ ही पावन कांवड़ यात्रा की तैयारियां अब अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं. पश्चिमी यूपी के मेरठ जोन में कांवड़ियों की सुरक्षित यात्रा और आम जनता को सहूलियत देने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है. मंगलवार-बुधवार की दरमियानी आधी रात से भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू हो जाएगा, जो 12 अगस्त तक जारी रहेगा.

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दिल्ली से हरिद्वार या देहरादून की तरफ हल्के और मध्यम वाहनों के लिए 4 अगस्त की आधी रात से 12 अगस्त तक ट्रैफिक में बड़ा बदलाव रहेगा. दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पूरी तरह से गाड़ियों के लिए बंद रहेगा.

दिल्ली से हरिद्वार जाने वालों के लिए बैकअप रूट

मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर के मुताबिक, दिल्ली से हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं का पारंपरिक रूट गाजियाबाद, बागपत और मुजफ्फरनगर होते हुए लगभग 200 किलोमीटर का रहेगा.

वहीं आम यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को एक विकल्प के रूप में रखा है. इस रूट पर कांवड़ियों के जाने को हतोत्साहित किया जाएगा ताकि आम जनता बिना किसी रुकावट के सफर कर सके. 

हालांकि, सुरक्षा और समय पर मदद पहुंचाने के लिहाज से दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और यूपी प्रशासन ने कांवड़ियों से गंगा एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न-वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल न करने और सिर्फ अपने पारंपरिक रास्तों पर ही रहने की अपील की है.

पहली बार AI और HD कैमरों से निगरानी

लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था बेहद हाई-टेक और सख्त रखी गई है. मेरठ जोन के 969 किलोमीटर लंबे 28 मुख्य कांवड़ मार्गों को 36 सुपर जोन, 101 जोन और 439 सेक्टरों में बांटा गया है. करीब 25,000 पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर उतारा गया है.

इतिहास में पहली बार कांवड़ यात्रा की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जा रहा है. 6,955 हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर मूवमेंट पर नजर रखी जाएगी, जो सीधे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े हैं. ट्रैफिक डायवर्जन की सही जानकारी रियल-टाइम में गूगल मैप्स पर दिखेगी, ताकि आम यात्रियों को भटकना न पड़े.

डीजे की ऊंचाई और साउंड पर सख्ती

बिजली के तारों से हादसों को रोकने के लिए साउंड सिस्टम/डीजे की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट तय की गई है. आवाज की सीमा 75 डेसिबल निर्धारित की गई है.

किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए 361 यूपी-112 वाहन, 6 अस्थायी पुलिस स्टेशन, 134 चौकियां और 74 वॉचटॉवर बनाए गए हैं. इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी-रोमियो स्क्वाड की 150 टीमें सक्रिय रहेंगी, जबकि घाटों पर NDRF, SDRF और गोताखोर तैनात रहेंगे.