15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के बागपत से एक बड़ी और गर्मा-गर्मी वाली खबर सामने आ रही है. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर पिछले 86 दिनों से अपनी मांगों को लेकर डटे किसानों के बीच पहुंचे भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने ऐसा बड़ा ऐलान कर दिया है, जिसने सीधे तौर पर सरकार और स्थानीय प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं.
ADVERTISEMENT
किसान आंदोलन के इस मंच से नरेश टिकैत ने बिना किसी लाग-लपेट के सीधे तेवर दिखाए हैं. उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को किसान दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर अपने ट्रैक्टरों के साथ तिरंगा मार्च निकालेंगे.
'चाहे गोली चले या लाठी, मार्च तो होकर रहेगा'
पंचायत में मौजूद सैकड़ों किसानों की भीड़ को संबोधित करते हुए नरेश टिकैत काफी आक्रामक नजर आए. उन्होंने प्रशासन को सीधे चुनौती देते हुए कहा, "जिसमें दम है, वो रोक ले... 15 अगस्त को किसान ट्रैक्टरों पर तिरंगा लेकर एक्सप्रेस-वे पर उतरेंगे."
चाहे गोली चले या लाठी, ट्रैक्टर मार्च हर हाल में होकर रहेगा.
अब CJP और छात्रों का मिलेगा साथ
नरेश टिकैत ने संकेत दिए हैं कि वे इस लड़ाई में छात्रों को भी अपने साथ जोड़ रहे हैं. टिकैत ने बताया कि दिल्ली में छात्रों ने जिस तरह से उनका हौसला बढ़ाया है, उससे उन्हें नई ताकत मिली है. अब किसान संगठन CJP (सीजेपी) और छात्र युवाओं का साथ लेकर इस लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे.
क्या 15 अगस्त को फिर गरमाएगा माहौल?
बागपत में पिछले 86 दिनों से किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे, लेकिन इतने दिनों बाद भी समाधान न निकलने से किसानों का सब्र अब जवाब दे रहा है. 15 अगस्त को देश जहां आजादी का जश्न मना रहा होगा, वहीं एक्सप्रेस-वे पर किसानों का 'तिरंगा मार्च' प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने की सबसे बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है.
ADVERTISEMENT











