2.5 घंटे में पहुंचेंगे दिल्ली से हरिद्वार! बन रहा है 50 KM का नया रास्ता, 10 शहरों को मिलेगा सीधा फायदा

आयशा शेख़

• 09:30 PM • 27 Jul 2026

दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत 50 किलोमीटर लंबे हरिद्वार स्पर का निर्माण तेजी से चल रहा है.

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Delhi Saharanpur Corridor: हरिद्वार के रास्ते में घंटों गाड़ियों की कतार और धीमी रफ्तार अक्सर सफर का मजा किरकिरा कर देती है, लेकिन बहुत जल्द यह परेशानी बीते दिनों की बात होने वाली है. दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के एक हिस्से के रूप में 50 किलोमीटर लंबे हरिद्वार स्पर पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. 

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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का मकसद धार्मिक यात्राओं और स्थानीय आवाजाही के दौरान लगने वाले जाम से मुक्ति दिलाना है. एक्सेस-कंट्रोल हाईवे न केवल शहर की सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम करेगा, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित और बेफिक्र सफर का अहसास भी कराएगा.

मुश्किल रास्तों पर इंजीनियरिंग का कमाल

हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यहां का कठिन भूभाग और संकरे रास्ते रहे हैं. NHAI ने इस कठिन चुनौती को अपनी कर्मभूमि बना लिया है.

जहां नदियों के घुमावदार मोड़ और पहाड़ियों के जटिल रास्ते थे, वहां अब आधुनिक इंजीनियरिंग के दम पर मजबूत पुल और चौड़े सुरक्षित मार्ग खड़े हो रहे हैं. जहां पहले वाहन रेंगते हुए चलते थे, वहां अब रफ्तार और भरोसे का नया संगम देखने को मिलेगा.

इन शहरों को मिलेगा फायदा

  • हरिद्वार: स्पर का सबसे बड़ा फायदा सीधे हरिद्वार को मिलेगा. यहां चारधाम यात्रा या कांवड़ यात्रा के दौरान लगने वाले भीषण जाम से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी.  
  • रुड़की: यह स्पर रुड़की को बाईपास/रूट प्रदान करेगा, जिससे स्थानीय सड़कों पर दिल्ली और सहारनपुर से आने-जाने वाले ट्रैफिक का बोझ काफी कम हो जाएगा.
  • सहारनपुर: मुख्य कॉरिडोर और स्पर के जंक्शन के रूप में सहारनपुर पश्चिमी यूपी का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट व ट्रेड हब बन जाएगा.
  • दिल्ली और गाजियाबाद/नोएडा: दिल्ली, ईस्ट दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से हरिद्वार जाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए सफर 5-6 घंटे से घटकर लगभग 2.5 से 3 घंटे रह जाएगा.  
  • देहरादून और ऋषिकेश: हरिद्वार स्पर से चारधाम हाईवे और ऋषिकेश मार्ग की कनेक्टिविटी भी बेहद आसान हो जाएगी.  
  • शामली और बागपत: मुख्य एक्सप्रेसवे कॉरिडोर इन दोनों शहरों से गुजरता है, जिससे यहां के व्यापारियों और किसानों के लिए दिल्ली और उत्तराखंड की मंडियों तक पहुंचना बहुत आसान होगा.  

आस्था और आधुनिकता की अनोखी डोर

50 किलोमीटर का 'स्पर' महज एक सड़क नहीं है, बल्कि यह दिल्ली से हरिद्वार आने-जाने वाले लाखों लोगों के लिए सुकून की सांस जैसा है. दिल्ली से हरिद्वार की दूरी अब सिर्फ समय के हिसाब से ही कम नहीं होगी, बल्कि यात्रियों के चेहरे पर मुस्कान भी लाएगी.

रूट भारत की अटूट आस्था को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने वाली एक सुनहरी डोर साबित होगा. सही मायनों में कहें तो यह विकास, गति और विश्वास का एक ऐसा संगम है, जो देवभूमि के लिए 'हर द्वार का नया द्वार' बनने जा रहा है.

क्यों खास है यह 'हरिद्वार स्पर'?

हरिद्वार शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों को बिना किसी रुकावट के बाईपास और सीधी एंट्री मिलेगी. एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर: नियंत्रित प्रवेश और निकास की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा बेहद कम हो जाएगा. सीधी और निर्बाध लेन की वजह से समय के साथ-साथ ईंधन का भी बड़ा बचाव होगा.